Bhagavad Gita Police Training : मध्यप्रदेश में पुलिस के सभी प्रशिक्षण केंद्रों में नए पुलिसकर्मियों को सिखाई जा रही है श्रीमद्भगवद्गीता !

भोपाल (मध्यप्रदेश) – मध्यप्रदेश पुलिस विभाग ने राज्य के सभी पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में भगवद्गीता का पठन कराने का निर्णय लिया है । इसके अनुसार प्रत्यक्ष कार्रवाई भी आरंभ हो गई है । इस पहल का उद्देश्य नए भर्ती हुए पुलिसकर्मियों को केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण देना नहीं, अपितु उन्हें नैतिक मूल्य एवं आध्यात्मिकता की शिक्षा देना भी है ।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह

१. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने यह नई योजना आरंभ की है । इस पहल से पुलिस के प्रशिक्षण को नई दिशा मिल रही है तथा सैनिकों के जीवन को एक नैतिक आधार प्राप्त हो रहा है । उनका मत है कि श्रीरामचरितमानस एवं श्रीमद्भगवद्गीता जैसे ग्रंथ जीवन का वास्तविक तत्व बताते हैं एवं नैतिक जीवन जीने की शिक्षा देते हैं ।

२. इन पुलिसकर्मियों को कर्तव्यपरायणता एवं आदर्श आचरण के लिए गीता का दर्शन बताया जाएगा । गीता के कर्मयोग, निष्काम कर्म तथा समत्वभाव जैसे सिद्धांतों से उनका परिचय कराया जाएगा । इससे पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में उचित निर्णय ले सकेंगे तथा तनावपूर्ण स्थिति में भी शांत रहकर काम कर सकेंगे । इसके माध्यम से सेवा तथा समर्पण की भावना और अधिक सुदृढ होगी ।

३. कठोर प्रशिक्षण एवं दैनिक कर्तव्यों के पश्चात जब पुलिसकर्मी एकत्रित होते हैं, तब पीला कुर्ता पहने एक व्यक्ति उन्हें श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक एवं उनके अर्थ समझाता है । वर्तमान में लगभग ४ सहस्र (हजार) युवक एवं युवतियां पुलिस कांस्टेबल पद के लिए ९ महीने का प्रशिक्षण ले रहे हैं ।

संपादकीय भूमिका 

  • मध्यप्रदेश पुलिस का अभिनंदनीय उपक्रम ! देश के प्रत्येक क्षेत्र के लिए इस प्रकार की धर्मशिक्षा दी जानी चाहिए । इसके लिए राजनेताओं से सर्वप्रथम प्रारंभ किया जाना चाहिए। उसके उपरांत प्रशासन एवं अन्य सरकारी तंत्रों को धर्मशिक्षा दी जानी चाहिए !
  • यह सिखाते समय पाप करने से क्या फल मिलता है, इसका भी ज्ञान दिया जाना चाहिए, ताकि उनके द्वारा अनुचित कृत्य न हों !