सनातन प्रभात > Post Type > सुविचार > राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा करें ! राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा करें ! 06 Nov 2025 | 11:03 PM Share this on :TwitterFacebookWhatsapp सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी ‘अब एक-एक रोगी के लिए नहीं, अपितु मरणासन्न स्थिति के राष्ट्र और धर्म के लिए सहस्रों डॉक्टरों की आवश्यकता है !’ ✍️ – सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक संपादक, ʻसनातन प्रभातʼ नियतकालिक Share this on :TwitterFacebookWhatsapp नूतन लेख सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचारमुंबापुरी में सहस्रों के समष्टि संकल्प से राष्ट्ररक्षा हेतु प्राप्त हुआ आध्यात्मिक बल !मथुरा (उत्तर प्रदेश) में रामराज्य की स्थापना हेतु की गई सामूहिक प्रार्थना !हिन्दुओ, तृतीय विश्वयुद्ध के दुष्परिणाम टालने के लिए यज्ञसंस्कृति का पुनरुत्थान करो !यज्ञसंस्कृति को पुनर्जीवित करनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी !मुंबई में ‘शंखनाद महोत्सव’ करने समान ही फल श्री राजमातंगी महायज्ञ से प्राप्त हुआ है !