S T Hasan : (और इनकी सुनिए…) ‘नवरात्र में मांसाहार पर प्रतिबंध लगाने वाले तुम कौन ?’

नवरात्र में मांसाहार पर प्रतिबंध लगाने की हिन्दुओं की मांग पर समाजवादी पक्ष के भूतपूर्व धर्मांध सांसद एस्.टी. हासन की जलन

समाजवादी पक्ष के भूतपूर्व सांसद एस्.टी. हासन

उत्तरप्रदेश – उत्तरप्रदेश के अनेकों जनपदों में नवरात्रि के समय में अर्थात् ९ दिन मांसाहार पर प्रतिबंध लगाने की मांग हो रही है । इस पर समाजवादी पक्ष के भूतपूर्व सांसद एस्.टी. हासन ने रोष व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘भोजन पर प्रतिबंध लगाने वाले तुम कौन ? मुसलमान तो अपने घर में ‘फ़्रीज़र’ में मांस रखकर खाएंगे ; परंतु पंचतारांकित उपाहारगृहों (फाइवस्टार होटल) के गोमांस पर कौन प्रतिबंध लगाएगा ? क्या नौटंकी चल रही है ? नवरात्र एवं कावड़ यात्रा में मांसविक्रय की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने के पीछे वास्तव में मतों की राजनीति है । यदि भक्ति एवं श्रद्धा है, तो पंचतारांकित उपाहारगृहों में गोमांस की बिक्री पर प्रतिबंध क्यों नहीं ?’’

एस्.टी. हासन आगे बोले कि, देश सबका है । केवल मुसलमान ही नहीं, अपितु ईसाई एवं सिख भी मांसाहार करते हैं । नवरात्र एवं कावड़ यात्रा के समय मांसाहार कैसे रोका जा सकता है ? यह सब मतों के ध्रुवीकरण हेतु हो रहा है । एक ओर भक्ति तथा दूसरी ओर धंधा चल रहा है । भारत जगत का दूसरा सर्वाधिक गोमांस निर्यातक है, तब ये नाटक क्यों चल रहे हैं ?

मुसलमान बालक गरबा में न जाएं ! – एस्.टी. हासन

मध्यप्रदेश राज्य में भारतीय जनता पक्ष एवं हिन्दू संगठन ने नवरात्रि में खेले जाने वाले गरबा में अहिन्दुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है । इस पर हासन ने कहा, ‘मैं इस निर्णय के पक्ष में हूं । मुसलमान इसमें सहभागी न हों । मुसलमान बालकों से विनती है कि, वे हिन्दू कन्याओं को अपनी बहन समझें । (हासन ने कहा तथा मुसलमानों ने उनकी बात मानी, तो शुभ दिन ! – संपादक)

संपादकीय भूमिका 

सदा हिन्दुओं को ही समझौता क्यों करना चाहिए ? ‘यह देश सबका है’ ऐसा कहने वालों ने यदि उस देश के बहुसंख्यक हिन्दुओं के उत्सवों का आदर किया, तो क्या कठिनाई है ?