‘ऑपरेशन सिंदूर’ में लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय ध्वस्त

  • जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवाद के उपरांत अब लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवाद की भी स्वीकारोक्ति

  • आतंकवादियों द्वारा मुख्यालय का पुनर्निर्माण

इस्लामाबाद (पाकिस्तान) – जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी के स्वीकार करने के उपरांत, अब लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी ने भी एक लघु चलचित्र में स्वीकार किया है, कि पाकिस्तान के मुरीदके स्थित उनके प्रशिक्षण शिविर को भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में नष्ट कर दिया गया था । कासिम की इस स्वीकारोक्ति के साथ ही पाकिस्तान का मिथ्या दिखावटी मुखौटा उजागर हो गया है । पाकिस्तान दावा कर रहा था कि इस भवन का उपयोग आतंकवादी संगठन नहीं कर रहे हैं ।

इस लघु चलचित्र में कासिम एक निर्माण स्थल पर खडा है । वह कहता है कि ७ मई की प्रातः हुए आक्रमण में मुरीदके स्थित मुख्यालय नष्ट हो गया था । मैं मुरीदके स्थित मरकज तैयबा के खंडहरों पर खडा हूं, जो आक्रमण में नष्ट हो गया था । इसका पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है । अल्लाह की कृपा से, यह मस्जिद पहले से कहीं अधिक बड़ी होगी । अल्लाह अपने अनुयायियों के लिए इसे समृद्ध करे ।

कासिम ने आगे स्वीकार किया है कि इस मस्जिद में कई आतंकवादियों एवं छात्रों को प्रशिक्षित किया गया एवं उन्हें सफलता भी मिली ।

कासिम की आतंकवादी भर्ती का आवाहन

कासिम का एक और लघु चलचित्र प्रसारित हो रहा है जिसमें वह पाकिस्तानी युवाओं से मुरीदके स्थित मरकज तैयबा में आयोजित दौरा-ए-सुफ्फा कार्यक्रम में सहयोगी होने का आवाहन कर रहा है । दौरा-ए-सुफ्फा एक आतंकवादी प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें जिहादी प्रशिक्षण दिया जाता है ।

संपादकीय भूमिका 

  • पाकिस्तान चाहे जितना भी अस्वीकार करे, पाकिस्तानी आतंकवादी, भारत द्वारा उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक रूप से दे रहे हैं । इस पर, भारत को विश्व समुदाय पर दबाव बनाकर पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने का प्रयास करना चाहिए !
  • वहां मुख्यालय का पुनर्निर्माण आतंकवादी कर सकें इसके पूर्व ही, भारत को पाकिस्तान में आतंकवाद का समूल निर्मूलन करने के लिए आवश्यक शासकीय कृति करनी चाहिए, जिससे वे वहां से पुन: भारत विरोधी अभियान प्रारंभ न कर सकें !