Davangere Shri Ganesh Visarjan : दावणगेरे (कर्नाटक) में मुस्लिम-बहुल क्षेत्र से श्री गणेश मूर्ति विसर्जन शोभा यात्रा निकालने पर प्रतिबंध !

  • २ वर्ष पूर्व जुलूस पर हुए पथराव के कारण पुलिस का ‘फतवा’

  • हिन्दू पुराने मार्ग से ही शोभायात्रा निकालने पर अडिग !

विरोध व्यक्त करने के लिए श्री गणेश मूर्ति पर डाला गया काला कपडा

दावणगेरे (कर्नाटक) – यहां श्री गणेश मूर्ति विसर्जन जुलूस के मार्ग में परिवर्तन को लेकर एक बडा विवाद खडा हो गया है । स्थानीय लोगों एवं गणेश मंडल के युवाओं ने तय मार्ग की अपेक्षा पुराने मार्ग से ही शोभायात्रा निकालने की अनुमति देने की मांग की है । इसी कारण विसर्जन के लिए निकला शोभायात्रा रास्ते में ही रोक दिया गया । यह शोभायात्रा २१ दिन का गणेशोत्सव मनाने के उपरांत निकाली जा रही थी ।

दावणगेरे के बसवराज पेठ में स्थापित श्री गणेश मूर्ति को विसर्जन के लिए ले जाते समय यह विवाद आरंभ हुआ । इससे पहले यह शोभा यात्रा ‘मदीना ऑटो स्टैंड’ एवं ‘हंसबावी सर्कल’ जैसे मुस्लिम-बहुल मार्गों से होकर जाती थी, लेकिन वर्षों पूर्व इसी मार्ग पर पथराव होने के कारण पुलिस विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से इस मार्ग को निरस्त कर एक नया मार्ग निश्चित किया था ।

इस वर्ष भी पुलिस ने निर्धारित नए मार्ग से ही शोभा यात्रा निकालने को कहा, परंतु गणेश मंडल के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया । मंडल ने बल दिया कि ‘हम प्रत्येक वर्ष जिस मार्ग से जाते हैं, इस वर्ष भी उसी मार्ग से जाएंगे ।’ इस अवसर पर हिन्दू स्त्रियों ने भी पुलिस के सामने हिन्दुओं का आजपूर्ण पक्ष रखा ।

हिन्दुओं ने श्री गणेश मूर्ति की आंखों पर काला कपडा बांधकर विरोध जताया !

जब पुलिस को मनाने के प्रयास असफल रहे, तो गणेश मंडल के सदस्यों एवं स्थानीय हिन्दुओं ने अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए श्री गणेश मूर्ति पर काला कपडा डाल दिया । ‘यदि पुलिस हमें पुराने मार्ग से जाने की अनुमति नहीं देती है, तो हम शोभा यात्रा नहीं निकालेंगे । हमें मदीना ऑटो स्टैंड एवं हंसबावी सर्कल से ही जाने की अनुमति दें’, ऐसी मांग की गई है ।

संपादकीय भूमिका 

  • आज जब देश के केवल कुछ भाग ही मुस्लिम-बहुल बन गए हैं, तब हिन्दुओं को शोभा यात्रा निकालने पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है, भविष्य में जब पूरा देश मुस्लिम-बहुल बन जाएगा, तो हिन्दुओं को भारत में रहने पर ही प्रतिबंध लगा दिया जाएगा ! यदि ऐसा नहीं होने देना है, तो हिन्दू राष्ट्र ही चाहिए !
  • जब कर्नाटक उच्च न्यायालय ने स्वयं यह स्पष्ट किया है कि कर्नाटक राज्य धर्मनिरपेक्ष है, तब रास्ते पर पथराव होने के कारण जुलूस का मार्ग परिवर्तित करना धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन है । यह भी दर्शाता है कि पुलिस प्रशासन कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं है !
  • यह प्रश्न उठता है कि ऐसी पाबंदी लगाने के लिए दावणगेरे भारत में है या पाकिस्तान में ? यदि भारत में ही बने ऐसे कई स्थानों पर हिन्दुओं को अपने त्योहार मनाने नहीं दिए जाते हैं, तो यह सरकार एवं हिन्दुओं के लिए लज्जा की बात है !