
भोपाल (मध्यप्रदेश) – शहर में नवरात्रोत्सव की पृष्ठभूमि पर हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने श्री दुर्गामाता की मूर्तियां बनाने वाले एक कारखाने पर छापा मारा । ‘इस कारखाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चित्र देख कर बनाई जा रही मूर्तियां दुर्गामाता के पारंपरिक स्वरूप से भिन्न थीं । इस कारण हिन्दुओं की श्रद्धा के साथ छेडछाड की जा रही थी’, ऐसा आरोप हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने किया है । बालिकाओं के समान बनाई जा रही मूर्तियां बच्चों को दिखाए जाने वाले ‘कार्टून’ धारावाहिक के पात्रों के समान लग रही हैं । हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी ने कहा कि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात एआई का उपयोग कर श्री दुर्गामाता की मूर्ति बालिका जैसी बनाना स्वीकार नहीं किया जाएगा । श्री दुर्गामाता का रूप महिषासुरमर्दिनी, सिंह पर आरूढ अथवा कालीमाता इसी स्वरूप में होना चाहिए । (हिन्दुओं के देवताओं के मूल चित्र दैवी संकेतों के अनुसार सिद्ध हुए हैं । उनमें किया गया परिवर्तन एक प्रकार से देवताओं का अपमान ही होता है, यह ध्यान में रखकर मूर्तिकारों में जागृति करने के लिए किए गए प्रयास अभिनंदनीय है ! – संपादक)
१. छापा मारने के समय हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शिल्पकारों से धर्म भी पूछा । उन्होंने स्पष्ट किया कि मुसलमानों से श्री दुर्गामाता की मूर्ति नहीं बनवानी चाहिए।
२. उन्होंने श्री दुर्गापूजा समितियों से आवाहन किया कि वे केवल पारंपरिक स्वरूप की मूर्तियों की ही प्रतिष्ठा करें ।
३. धार्मिक प्रतीकों का स्वरूप आधुनिकता के नाम पर परिवर्तित नहीं होना चाहिए, ऐसा स्वर समाज में भी सुनाई देने लगा है । पुलिस और प्रशासन अब इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं ।
संपादकीय भूमिकाधर्मशिक्षा के अभाव के कारण धर्महीनता की पराकाष्ठा तक पहुंचने वाले जन्महिन्दू। |
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