कुआलालंपुर (इंडोनेशिया) – तेरेंगानु राज्य में कट्टरपंथी ‘पैन-मलेशियाई इस्लामिक पार्टी’ (अखिल मलेशिया इस्लामिक पक्ष के – ‘पीएएस’) सत्ता में है । यहां कोई विपक्षी अस्तित्व में नहीं है ; क्योंकि सभी ३२ विधायक इसी पक्ष के हैं । शरिया कानून लागू करने पर जोर देने वाली इस पक्ष ने एक कानून पारित किया है जिसके अनुसार अगर नागरिक शुक्रवार की नमाज पढना भूल जाते हैं या नहीं पढते हैं, तो उन्हें २ वर्ष का कारागृह या ३ हजार रिंगित (६२ हजार रुपये) का दंड, या दोनों देना होगा । सरकार ने कहा कि इस कानून को लागू करने का अधिकार जनता तथा धार्मिक लोगों के पास होगा ।
🇲🇾 In Malaysia’s Terengganu state, new Sharia penalties for Muslim men skipping Friday prayers without valid reason:
⚖️ First-time offenders risk
➡️Up to 2 years jail
➡️Fine of 3,000 ringgit (₹42,000 / $710)
➡️Or both#ShariaLaw
VC: @anjanaomkashyappic.twitter.com/96atelUa56— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) August 21, 2025
तेरेंगानु एक मुस्लिम बाहुल्य राज्य है, और इसकी १२ लाख की जनसंख्या में से ९७ प्रतिशत से अधिक मुसलमान हैं । इससे पहले भी नमाज़ न पढने वालों को दंड देने का कानून था । लगातार तीन दिनों तक शुक्रवार के नमाजपठन में सम्मिलित न होने वालों को अधिकतम ६ महीने का कारागृह या १ हजार रिंगित (लगभग २० हजार, ६०६ रुपये) के दंड का समावेश था । मलेशिया के १३ राज्यों में से ४ राज्यों में ‘पी.ए.एस्’ की सरकार है ।
इस्लाम की रक्षा के लिए कठोर दंड का प्रावधान !
तेरेंगानु राज्य विधानसभा सदस्य मुहम्मद खलील हादी ने कहा कि इस्लाम की रक्षा के लिए यह दंड अंतिम उपाय के रूप में लागू किया जाएगा । शुक्रवार का नमाजपठन मुसलमानों के बीच एक धार्मिक प्रतीक है ।

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