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नई दिल्ली – तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को बांग्लादेश छोडकर भारत आए एक वर्ष हो गया है । गत एक वर्ष में वहां हिन्दुओं पर निरंतर अत्याचार हो रहे हैं । १९७१ में बांग्लादेश की स्वतंत्रता के समय हुए हिन्दुओं के नरसंहार के उपरांत प्रथम ही हिन्दुओं को इतने बड़े प्रमाण पर लक्ष्य किया गया है । ‘सनातन प्रभात’ ने जब गत वर्ष की समीक्षा की, तो भयावह आंकड़े सामने आए । ढाका स्थित ‘रिसर्च एंड एम्पावरमेंट ऑर्गनाइजेशन’ के अध्यक्ष प्रो. चंदन सरकार ने इस संबंध में ‘सनातन प्रभात’ को बताया कि ८ अगस्त को मोहम्मद यूनुस के बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का परामर्शदाता बनने के उपरांत से ३५० दिनों में हिन्दुओं पर २,४४७ आक्रमण हुए । इसके साथ ही, १५७ मंदिर ध्वस्त किए गए, ४७ हिन्दुओं की हत्या की गई, ३२ हिन्दू महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया एवं ५२ हिन्दू शिक्षकों को अन्याय पूर्वक सेवा से निकाल दिया गया । १०० से अधिक हिन्दू पुलिसकर्मियों को भी सेवा से निकाल दिया गया । ‘सनातन प्रभात’ ने गत वर्ष बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों पर कम से कम १५० समाचार अथवा लेख प्रकाशित किए । इसका अर्थ है कि प्रत्येक सप्ताह ३ समाचार प्रकाशित हुए ।

प्रा. सरकार ने कहा कि इस्कॉन के चिन्मय दास प्रभु के विरुद्ध केवल इसलिए कार्रवाई की गई क्योंकि उन्होंने हिन्दुओं की रक्षा के लिए ‘बंगभूमि’ की मांग की थी । वह अभी भी कारागृह में हैं । यहां की ‘बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी’, ‘जमात-ए-इस्लामी’, बांग्लादेशी सेना, अंतरिम सरकार, पुलिस आदि ने मिलकर हिन्दुओं पर आक्रमण किए हैं । शेख हसीना की ‘अवामी लीग’ पार्टी भी हिन्दू समर्थक नहीं, अपितु कट्टर इस्लामवादी है ।
शेख हसीना एक कट्टर मुसलमान हैं – न तो उन्होंने हिन्दुओं की रक्षा की, न ही वे भारत की समर्थक थीं !![]() बांग्लादेश के एक हिन्दुत्ववादी ने नाम न छापने की स्थिति में ‘सनातन प्रभात’ को बताया कि भारत ने बांग्लादेश के लिए बहुत कुछ किया; किन्तु बांग्लादेश ने भारत के लिए कुछ नहीं किया । इतना ही नहीं, स्वतंत्र बांग्लादेश के सभी नेताओं ने हम हिन्दुओं को धमकाया है । शेख हसीना न तो भारत समर्थक हैं, न ही उन्होंने कभी हिन्दुओं की रक्षा की है । वे एक कट्टर मुसलमान हैं । २००९-१० में, बांग्लादेशी सेना ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर ५ भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी थी । प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इसके लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से क्षमा मांगी थी । वास्तव में, भारत के सैनिकों की हत्या करनेवाली बांग्लादेश सेना का वहां सार्वजनिक रूप से अभिनंदन किया गया था । यह एक वास्तविक सत्य है । इसका समाचार ‘प्रथम आलो’ जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ था । बांग्लादेश हिन्दुओं के लिए एक ‘पशुवध घर ‘ है !हिन्दुत्वनिष्ठ ने आगे कहा कि शेख हसीना ने अपने कार्यकाल में ५६० मस्जिदें बनवाईं; किन्तु हिन्दुओं के लिए एक भी मंदिर नहीं बनवाया । उनके नेतृत्व में, बांग्लादेश हिन्दुओं के लिए एक ‘पशुवध घर ‘ बन गया । |
भारत को बांग्लादेश में ही एक स्वतंत्र ‘बंगभूमि’ (हिन्दू राज्य) स्थापित करने की पहल करनी चाहिए ! – बांग्लादेश के हिन्दुओं की मांग
जब ‘सनातन प्रभात’ ने बांग्लादेश के विभिन्न क्षेत्रों के हिन्दुओं से चर्चा की, तो सभी ने कहा कि हिन्दुओं की रक्षा का एकमात्र उपाय ‘एक स्वतंत्र बंगभूमि’ (हिन्दू राज्य) की स्थापना करना है । हिन्दुओं ने कहा कि बांग्लादेश में ढाई करोड हिन्दुओं को भारत में शरण देना व्यावहारिक रूप से कठिन है । अपितु, बांग्लादेश में ही हिन्दुओं के लिए एक स्वतंत्र भूमि स्थापित की जानी चाहिए एवं उसमें उनका पुनर्वास किया जाना चाहिए । भारत सरकार को इस भूक्षेत्र का स्वामित्व लेना चाहिए । इसके लिए, भारत को बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप करना होगा । उत्तरी बांग्लादेश में ‘ठाकुरगांव-दिनाजपुर-रंगपुर जिलों की पट्टी’, जो भारत में ‘चिकन नेक’ के समीप है, या दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश में ‘चटगांव-कोमिला क्षेत्र’ को हिन्दुओं के लिए एक स्वतंत्र राज्य के रूप में चुना जाना चाहिए । |
संपादकीय भूमिकायह सभी हिन्दुओं के लिए अत्यंत लज्जास्पद है ! भारत भर के हिन्दुओं को अब बांग्लादेश में अपने भाइयों के लिए तीव्र जन जागरण करना चाहिए । इसके लिए उन्हें अपने क्षेत्रों के विधायकों एवं सांसदों पर दबाव बनाना चाहिए एवं सरकार को बांग्लादेशी हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय योजना के लिए बाध्य करना चाहिए ! |


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