CBI को न्यायालय में आने का साहस भी नहीं है क्या ? – सर्वोच्च न्यायालय ने आलोचना की ।

‘सम्मान कैपिटल लिमिटेड’ में निधि के दुरुपयोग की घटना –

नई दिल्ली – ‘सम्मान कैपिटल लिमिटेड’ (पूर्व में इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड) के प्रवर्तकों द्वारा निधियों के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों की विशेष जांच दल के माध्यम से न्यायालय की निगरानी में जांच कराने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है । इस सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की आलोचना की।

न्यायालय ने कहा, “हम इस प्रकार के व्यवहार की सराहना नहीं कर सकते । एक बार जब हम किसी को नोटिस भेजते हैं, तो उन्हें यहां उपस्थित होना ही होगा । वे कैसे कह सकते हैं कि ‘वे सर्वोच्च न्यायालय में उपस्थित नहीं होंगे’ ? क्या उनमें न्यायालय में आने का साहस भी नहीं है ?” ऐसे तीखे शब्दों में न्यायालय ने CBI को डांट लगाई ।

इस समय अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने एक सप्ताह का समय मांगा, जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया । साथ ही न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि CBI को कार्रवाई करने के लिए किसी औपचारिक आवाज उठाने वाले ( शिकायतकर्ता ) की आवश्यकता नहीं है ।