विश्वविख्यात जर्मन लेखिका मारिया विर्थ द्वारा लिखित !

देहरादून (उत्तराखण्ड) – विश्वविख्यात जर्मन लेखिका मारिया विर्थ द्वारा लिखित ‘हिन्दू धर्म पर मुसलमान, ईसाई एवं साम्यवादी आक्रमण क्यों करते हैं ? (लेख संग्रह)’ नामक पुस्तक हाल ही में प्रकाशित हुई है । यह पुस्तक ‘ॲमेजॉन’ तथा ‘फ्लिपकार्ट’ पर क्रय हेतु उपलब्ध है तथा इसका मूल्य ₹३८५ है ।

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मारिया विर्थ ने ‘सनातन प्रभात’ को इस संदर्भ में सूचना देते हुए कहा कि इस पुस्तक में ४३ लेखों का संग्रह है । यह पुस्तक अधिकाधिक हिन्दू पाठकों तक पहुंचनी चाहिए ।

इस पुस्तक में आप क्या पढेंगे ?
१. सनातन धर्म का सार क्या है ? हिन्दू धर्म सहस्रों वर्षों से क्यों टिका हुआ है तथा क्या वर्तमान में वह संकट में है ?
२. ‘मैं कौन हूं ?’ तथा ‘ईश्वर है क्या ?’ जैसे आध्यात्मिक प्रश्नों के उत्तर अंधविश्वास के माध्यम से नहीं, अपितु व्यक्तिगत अनुभूति के माध्यम से प्राप्त हो सकते हैं क्या ?
३. भारत की प्राचीन ज्ञानपरंपरा का आध्यात्मिक रहस्य, वैदिक तत्त्वज्ञान की शक्ति तथा आज के वैचारिक संघर्षों से घिरे हुए विश्व में सनातन धर्म की प्रासंगिकता का गहन विश्लेषण ।
४. पुस्तक में कावड यात्रा, पवित्र हरिद्वार नगर, हिन्दुओं का धर्मांतरण जैसे विविध विषयों पर आधारित लेख समाहित हैं ।
५. कुछ धर्मग्रंथों में उपस्थित हिंसात्मक श्लोकों की समीक्षा से लेकर ईसाई धर्म के कुछ सिद्धांतों पर प्रश्न उठानेवाले पोप को संबोधित शक्तिशाली पत्र भी समाविष्ट है ।
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संपादकीय भूमिकाजो एक जर्मन लेखिका को समझ में आता है, वह हिन्दुओं को क्यों नहीं समझ में आता ? यह उनका निंदनीय दुर्भाग्यपूर्ण व्यवहार है । यह हिन्दुओं के लिए लज्जाजनक है । |
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