जिहादी आतंकवाद ऐसे ही मिटाना पडता है !

जिहादी आतंकवाद मुझे तथा आपको मिलकर ही मिटाना है… शौर्य, साहस, कृति, पराक्रम, बुद्धि तथा युक्ति के बल पर ही आतंकवाद मिटाना पडेगा । यह अफजल अब सभी क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न रूपों में अपने हाथ-पैर फैला रहा है । समाज में घूमते समय  सर्वधर्म समभाव का चश्मा आंखों से उतारकर, गंभीरता से प्रत्येक सूत्र की ओर देखने पर यह अफजल तथा उसके षड्यंत्र दिखाई देते हैं । अतः उसे मिटाने के लिए प्रयासरत रहेंगे तथा छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रम का स्मरण कर अपने सामने उनका आदर्श रखकर हम समाज में फैले इस आतंकवाद को मिटाएंगे…!

– डॉ. गौरी देशपांडे-खरे, पुणे, महाराष्ट्र.