स्वभावदोष एवं अहं निर्मूलन का महत्त्व !

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी

ईश्‍वर में स्वभावदोष और अहं नहीं होता । उनसे एकरूप होने के लिए हममें भी उनका अभाव होना चाहिए ।

– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक संपादक, ʻसनातन प्रभातʼ नियतकालिक