
मुंबई – हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर का सनातन संस्था की ओर से ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार से सम्मान किया गया । सनातन संस्था की धर्मप्रचारक सद्गुरु अनुराधा वाडेकरजी ने अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर का सम्मान किया । दादर में १९ जून को यह समारोह सम्पन्न हुआ ।
सनातन संस्था की ओर से आयोजित १७ से १९ मई २०२५ की कालावधि में ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद’ महोत्सव में हिन्दू धर्मजागृति एवं राष्ट्ररक्षा के लिए कार्य करनेवाले व्यक्तियों को ‘हिन्दू राष्ट्ररत्न’ एवं ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कारों से सम्मानित किया गया । कुछ महत्त्वपूर्ण कारणवश अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर को महोत्सव में आना संभव नहीं हो पाया, इस कारण उन्हें मुंबई में पुरस्कार प्रदान किया गया । इस अवसर पर सनातन संस्था की पू. (श्रीमती) संगीता जाधव, सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री. अभय वर्तक, हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर, हिन्दू जनजागृति समिति के मुंबई, ठाणे, रायगढ एवं पालघर जिला समन्वयक श्री. सागर चोपदार एवं मुंबई जिला समन्वयक श्री. बलवंत पाठक, साथ ही ‘दाभोलकर हत्या एवं मैं’ एवं ‘मालेगाव स्फोट के पीछे अदृश्य हाथ’ इन पुस्तकों के लेखक श्री. विक्रम भावे एवं अधिवक्ता श्रीमती किशोरी कुलकर्णी उपस्थित थीं ।
मेरे साथ काम करनेवाले सभी अधिवक्ताओं का यह गौरव है ! – अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर
‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार दिए जाने के लिए मैं अत्यंत कृतज्ञ हूं । इस समष्टि कार्य में आने के उपरांत सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत बालाजी आठवलेजी ने प्रेरणा एवं सीख दी । उन्होंने ही मुझे यह पुरस्कार दिया । सच कहूं तो मैं इस पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हूं । अब राष्ट्र एवं धर्मकार्य के लिए अनेक अधिवक्ता आगे आए हैं । जिन जिन अधिवक्ताओं ने मेरे साथ काम किया है, उन सभी अधिवक्ताओं का यह गौरव है एवं अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि होने के नाते मैं नम्रतापूर्वक यह पुरस्कार स्वीकार कर रहा हूं । ‘जब तक हिन्दू राष्ट्र की स्थापना नहीं होती, तब तक हम शांत नहीं बैठेंगे’, ऐसा मैं आश्वस्त करता हूं ।
हिन्दुत्वनिष्ठों के लिए आधारस्तंभ वीरयोद्धा अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर !
प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर विगत २५ वर्ष से वकीली क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं एवं हिन्दू विधिज्ञ परिषद इस हिन्दुत्वनिष्ठ अधिवक्ताओं के संगठन के वे राष्ट्रीय सचिव हैं । कांग्रेस के काल में ‘हिन्दू आतंकवादी’ ठहराने के लिए भयानक षड्यंत्र रचकर हिन्दुत्वनिष्ठों को विविध प्रकरणों में फंसाया गया । इस कठिन काल में हिन्दुत्वनिष्ठों को सहायता करने में कुछ हिन्दुत्वनिष्ठ एवं हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन भी भयभीत थे । ऐसे समय में अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर ने हिन्दुत्वनिष्ठों के अभियोग स्वीकार कर उन्हें सभी प्रकार से सहायता की । मालेगाव बमस्फोट प्रकरण, मडगाव बमस्फोट प्रकरण, डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्या प्रकरण, कॉ. गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण, नालासोपारा विस्फोटकों का प्रकरण आदि अनेक अभियोगों में संजीव पुनाळेकर ने हिन्दुत्वनिष्ठों को नि:शुल्क सहायता की । हिन्दुत्वनिष्ठ आरोपियों के पक्ष में दृढतापूर्वक खडे रहकर सत्य बात उन्होंने समाज में दृढतापूर्वक रखी ।
अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर ने हिन्दुत्वनिष्ठों के लिए केवल न्यायालयीन लडाई लडी, ऐसा नहीं, अपितु हिन्दुत्व के लिए योगदान देनेवाले तथा अधिवक्ता निर्माण हों, इसके लिए हिन्दू विधिज्ञ परिषद के माध्यम से उन्होंने अधिवक्ताओं का प्रभावी संगठन किया । अधिवक्ता पुनाळेकर ने सामाजिक क्षेत्र में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है ।
अधिवक्ता पुनाळेकर द्वारा की गई याचिका के कारण वर्तमान में धर्मादाय चिकित्सालयों में निर्धनों के लिए २० प्रतिशत गद्दे (बेड्स) निशुल्क एवं १० प्रतिशत बेड्स छूट देकर उपलब्ध हैं । इन प्रयासों के कारण संपूर्ण महाराष्ट्र के निर्धन रोगियों को इस योजना का लाभ हो रहा है । शासन से भूखंड लेनेवाले उसे पैतृक बताते थे । अधिवक्ता पुनाळेकर द्वारा की गई याचिका के कारण शासन से भूखंड लेनेवालों को यह भूखंड किसने लिया इस सहित विस्तृत जानकारी वहां फलक लगाकर, साथ ही जिलाधिकारी की वेबसाइट पर वह जानकारी जनता के लिए रखनी पडती है ।
हिन्दू आतंकवाद के फेक नैरेटिव (झूठी कहानी) में फंसाकर अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर को कारागृह में डाल दिया गया । ४२ दिन उन्हें कारागृह में रहना पडा । फिर भी बिना डगमगाए उन्होंने ‘अधिवक्ता’ के रूप में धर्मकार्य में अपना योगदान नहीं रोका । इस प्रकार नि:स्वार्थ भावना से हिन्दुत्व के लिए लडनेवाले ये ‘हिन्दुत्व के शूरवीर’ समस्त धर्मप्रेमियों के लिए प्रेरणादायी हैं ।
दूध तथा दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध प्राथमिकता से की जाएगी कार्रवाई !
विसर्जित श्रीगणेशमूर्तियों के ‘पीओपी’ से बनाई जाएंगी चौकियां (बेंच), ईंटें तथा सुशोभन की वस्तुएं !
TMC Kolkata Mayor : कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के महापौर फिरहाद हकीम का त्यागपत्र (इस्तीफा) ।
खाद्य एवं औषधि विभाग की राज्यभर में गुटखा माफियाओं पर छापेमारी
मृतक के नाम पर अभियोग चलाकर मंदिर प्रशासन के विरुद्ध अचलपुर के तहसीलदार के द्वारा दिया गया आदेश न्यायालय ने किया निरस्त ।
राष्ट्ररक्षार्थ मुंबई में ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’ संपन्न !