Stampede incident in Bengaluru : कर्नाटक के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री के विरुद्ध पुलिस थाने में अभियोग प्रविष्ट !

बेंगलुरू में भगदड का प्रकरण !

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तथा उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार

बेंगलुरु (कर्नाटक) – यहां के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर ४ जून की शाम को हुई भगदड़ के प्रकरण में सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत प्रविष्ट कराई । शिकायत में मुख्यमंत्री सिद्धरामैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार तथा कर्नाटक क्रिकेट बोर्ड पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है । कब्बन पुलिस स्टेशन में ‘रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु’ का प्रबंधन, कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन तथा विजयोत्सव की योजना बनाने वाली कंपनी के विरुद्ध लापरवाही तथा सदोष मानव वध का प्रकरण प्रविष्ट किया गया है ।

स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट की विजेता दल, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के स्वागत समारोह का आयोजन किया जा रहा था । यद्यपि स्टेडियम की क्षमता केवल ३२,००० लोगों की है, तदापि स्टेडियम के बाहर ३ लाख से अधिक लोग एकत्रित थे । वे स्टेडियम में प्रवेश करना चाहते थे । उस समय प्रवेश द्वार पर भगदड मच गई । अब तक ११ लोगों की दुखद मृत्यु हो चुकी है एवं ३३ लोग घायल हुए हैं । कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भी घटना का स्वतः ही संज्ञान लिया है एवं इस पर सुनवाई की ।

दुर्घटना की दंडाधिकारी से जांच कराई जाएगी !

कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने घटना के संबंध में कहा कि मुख्यमंत्री ने दंडाधिकारी को दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं । अन्वेषण प्रतिवेदन आने के उपरांत जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी । हमने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अथवा कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन से इस समारोह को आयोजित करने के लिए नहीं कहा था । उन्होंने स्वयं ही इस समारोह को आयोजित किया तथा कर्णावती (अहमदाबाद) से दल को बेंगलुरु लेकर आए ।

(और इनकी सुनिए ..) ‘देश में पहले भी अनेक बडी दुर्घटनाएं हुई हैं, जैसे महाकुंभ मेले में दुर्घटनाएं !’ – मुख्यमंत्री सिद्धारमैया

४ जून की सायंकाल को हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने समाचार वार्ता की तथा कहा कि महोत्सव में हमारी अपेक्षा से अधिक लोग एकत्रित हुए । सरकार ने मृतकों के परिजनों को १० लाख रुपये की हानि भरपाई देने की घोषणा की है । सरकार घायलों की बिना मूल्य चिकित्सा कराएगी । सभी घायल संकट से बाहर हैं । मैं इस घटना का बचाव नहीं कर रहा हूं; किन्तु देश में पहले भी अनेक बडी दुर्घटनाएं हुई हैं, जैसे महाकुंभ मेला जिसमें ५० से ६० लोगों की मृत्यु हो गई थी । तथापि इसका अर्थ यह नहीं है कि, हम अपने उत्तरदायित्व से बच रहे हैं । भाजपा राजनीति कर रही है, मैं राजनीति नहीं करना चाहता । स्टेडियम में एक छोटा सा प्रवेश द्वार है । वहां बडी संख्या में लोग एकत्रित हो गए थे, उन्होंने प्रवेश द्वार तोड दिया, जिससे भगदड मच गई । कर्नाटक सरकार का उत्तरदायित्व सुरक्षा उपलब्ध कराना था, शेष क्रिकेट एसोसिएशन को संभालना था ।(इस दुर्घटना के लिए राज्य सरकार, पुलिस, कर्नाटक क्रिकेट बोर्ड उत्तरदायी हैं तथा उनके विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट किया जाना चाहिए एवं संबंधित लोगों को कारागृह में डाला जाना चाहिए । यह निश्चित है कि सरकार स्वयं कार्रवाई नहीं करेगी, इसलिए केंद्र सरकार अथवा न्यायालय को इस पर ध्यान देना होगा तथा कार्रवाई करनी होगी ! – संपादक)

यदि सरकार ने योग्य आयोजन किया होता तो यह दुर्घटना टल सकती थी ! – भाजपा 

कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने इस घटना को लेकर कांग्रेस सरकार की आलोचना की तथा सरकार से त्यागपत्र देने को कहा । उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने योग्य आयोजन किया होता तो यह दुर्घटना टल सकती थी । अंतिम समय में कर्णावती में डेढ लाख लोग एकत्रित हुए थे, किन्तु कोई दुर्घटना नहीं हुई । बेंगलुरु में इतनी शीघ्रता में कार्यक्रम का आयोजन क्यों किया गया तथा सिद्धता अपूर्ण रहते हुए इसकी अनुमति क्यों दी गई ? विधानसभा के सामने उत्सव मनाने की क्या आवश्यकता थी और क्या यह आयोजन मुख्यमंत्री अथवा उपमुख्यमंत्री ने आयोजित किया था ?, इसका उत्तर उन्हें देना होगा ।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दल को हानि भरपाई देनी चाहिए ! – कांग्रेस

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह बहुत ही दुखद तथा वेदनादायी दुर्घटना है । मैं मृतकों को श्रद्धांजलि देता हूं एवं घायलों के लिए प्रार्थना करता हूं । कर्नाटक सरकार इस दुर्घटना के पीडितों को हानि भरपाई देगी; किन्तु यह आयोजन कर्नाटक क्रिकेट बोर्ड के अंतर्गत आता है । रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दल में एक विदेशी प्रतिष्ठान की बडी भागीदारी है तथा उन्होंने इस खेल श्रृंखला में से ४०० करोड रुपये से अधिक की कमाई की है । यदि वे ११ मृतकों के परिजनों को २२-२२ करोड रुपये और घायलों को २५ से ५० लाख रुपये दें तो उचित होगा । जो लोग विकलांग हुए हैं, उन्हें अधिक राशि मिलनी चाहिए । भविष्य में ऐसी दुर्घटना पुन: न हो, इसलिए इस प्रकरण की उचित जांच होनी चाहिए ।

संपादकीय भूमिका 

कृपया ध्यान दें कि पुलिस मात्र अभियोग के आधार पर प्रकरण प्रविष्ट करने का साहस नहीं करेगी ! क्या राज्य की जनता सरकार के विरुद्ध आंदोलन करेगी ?