शिरूर मे धर्मान्ध ईसाईयों द्वारा हिन्दू कुल पर ईसाई धर्म स्वीकार करने हेतु दवाब !

हिन्दू परिवार द्वारा ‘हम हिन्दू हैं तथा हिन्दू ही रहेंगे’, ऐसा गर्वपूर्ण प्रत्युत्तर !

शिरूर (जनपद पुणे) – पुलिस विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार दिनांक ०१ मई को श्री राहुल गायकवाड अपने परिवार सहित उचाळेवस्ती (टाकळी-हाजी) स्थित निवासस्थान के सामने बैठे थे । उसी समय प्रकाश जालिंदर घोडे ६ अपरिचित लोगों के साथ वहां आए । उन्होंने यह पूछते हुए कि “आप किस धर्म के अनुयायी हैं ?”, यह भी कहा – “आप बाइबिल का अध्ययन कीजिए, चर्च में आइए, ईश्वर ईसा की कृपा प्राप्त होगी, आर्थिक लाभ मिलेगा”, ऐसा कहकर धर्मान्तरण का दवाब निर्माण किया । तत्क्षण गायकवाड कुल ने निश्चयपूर्वक प्रत्युत्तर दिया – “हम हिन्दू हैं और हिन्दू ही रहेंगे” ।

तदनन्तर उन्होंने यह भी पूछा – “आपके देवताओं ने आपके लिए क्या किया ? क्या आपके देवताओं के कारण कोई लाभ प्राप्त हुआ ?” इस प्रकार के प्रश्न पूछते हुए उन्होंने श्री काळूबाई तथा जगद्गुरु नरेंद्राचार्यजी महाराज की प्रतिमाओं की ओर संकेत कर अपमानजनक भाष्य किया । साथ ही यह भी कहा – “अगर आप ईसाई बन जायें एवं चर्च में सम्मिलित हों, तो समस्त रोगों से मुक्त हो जायेंगे, आर्थिक सहायता प्राप्त होगी”, इस प्रकार का प्रलोभन दिया ।

इस आपत्तिजनक घटनाक्रम के पश्चात् गायकवाड कुल ने त्वरित ११२ दूरभाष क्रमांक पर सम्पर्क कर पुलिस को सूचित किया । पुलिस विभाग ने उन सातों व्यक्तियों को बन्दी बनाया है तथा शिरूर पुलिस स्थानक में अपराध पंजीकृत किया गया है । इस प्रकरण में आरोपितों पर कठोर दण्डविधान की मांग हिन्दुत्वनिष्ठ संस्थाओं द्वारा की गई है ।

संपादकीय भूमिका

  • धर्मान्तरण-निषेध कानून की अनिवार्यता को प्रतिपादित करनेवाली घटना ! धर्मान्तरण करनेवालों के साथ-साथ सहायक व्यक्तियों पर भी कठोर दण्डविधान आवश्यक है !
  • धर्मान्ध ईसाईयों को दृढता से प्रत्युत्तर देनेवाले इस हिन्दू परिवार की प्रशंसा की जानी चाहिए । ऐसे निर्भीक हिन्दू ही हिन्दू धर्म की वास्तविक शक्ति हैं । सम्पूर्ण हिन्दू समाज को इस परिवार से प्रेरणा ग्रहण करनी चाहिए ।