पुरी पीठ के शंकराचार्य द्वारा हिन्दू राष्ट्र का उद्घोष !

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वतीजी की ओर से पूरे कुंभ मेले में विभिन्न स्थानों पर ‘हम भारत भव्य बनायेंगे, हम हिन्दू राष्ट्र बनायेंगे’ के बैनर लगाए गए थे । शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वतीजी के शिविर में नियमित रूप से सुबह ११.३० बजे और शाम ५.३० बजे भक्तों के लिए मार्गदर्शन, उनकी शंकाओं का समाधान और हिन्दू राष्ट्र सभा का आयोजन किया जा रहा था । इस समय सभी भक्तगण और श्रद्धालु ‘हम भारत भव्य बनायेंगे, हम हिन्दू राष्ट्र बनायेंगे’ की घोषणा करने लगते थे । शंकराचार्यजी के शिविर में और शिविर के बाहर भी हिन्दू राष्ट्र के बैनर लगाए गए थे । शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वतीजी ने अपने मार्गदर्शन में कहा, ‘‘हिन्दू राष्ट्र का उद्घोष हमने दैवी संकेत पर किया है ।’’ स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वतीजी का शिविर एक प्रकार से हिन्दू राष्ट्र-जागृति का केंद्र बन गया था । उनके मार्गदर्शन को सुनने के लिए सुबह और शाम को उनके शिविर में नियमित रूप से हजारों भक्त आते थे । इस प्रकार हिन्दू राष्ट्र का विचार सभी तक पहुंचा ।
सभी संतों को शासन से ‘हिन्दू राष्ट्र’की मांग करनी चाहिए ! – आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि महाराजजी, पीठाधीश्वर श्री पंचायती अखाडा निरंजनी

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – सब संतों की सहमति से केंद्र तथा राज्य सरकार को एक निवेदन देकर उसके द्वारा देश को ‘हिन्दू राष्ट्र’ घोषित करने की मांग करनी चाहिए । आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद पुरीजी ने ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि से बोलते समय ऐसा महत्त्वपूर्ण वक्तव्य किया । उन्होंने ऐसा भी कहा कि इसके लिए अखाडों के माध्यम से जो कुछ करना संभव होगा, वह सब हम करेंगे । इसके साथ उन्होंने गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि यदि ‘सनातन बोर्ड बना, तो हिन्दुओं को लाभ ही होगा ।’
वक्फ बोर्ड निरस्त करने की संपूर्ण धर्मसंसद ने की मांग
२७ जनवरी को संपन्न हुई धर्मसंसद में उपस्थित वक्ताओं के साथ भक्त एवं हिन्दुत्वनिष्ठों ने वक्फ बोर्ड निरस्त करने की मांग की ।
कुम्भक्षेत्र में चतुर्थ सनातन धर्मसंसद में कथावाचक श्री देवकीनंदन ठाकुरजी ने प्रस्तावना की । इस समय जगद्गुरु स्वामी विद्याभास्कर महाराजजी, जगद्गुरु स्वामी राघवाचार्य महाराजजी, पू. चिन्मयानंद बापूजी, सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी, ‘इस्कॉन’ के प्रमुख गौरांग दासजी, साध्वी सरस्वतीजी, साध्वी प्राचीजी, भाग्यनगर के विधायक टी. राजा सिंह आदि मान्यवर उपस्थित थे ।
सनातन संस्था की विजय हो ! – प.पू. स्वामी गोविंददेव गिरिजी

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – ‘सनातन संस्था की विजय हो !’ यह घोषणा अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कोषाध्यक्ष प.पू. स्वामी गोविंददेव गिरिजी ने की । सेक्टर ९ में ‘गुरुकार्ष्णि संस्था’ के मंडप में सनातन संस्था के साधकों ने उनसे भेंटवार्ता की । इस समय उन्होंने यह घोषणा दी ।
हिन्दुओं के मंदिर अतिक्रमणमुक्त हों, यही सर्व संतों की मांग है ! – आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंदगिरि महाराजजी
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – ‘‘केवल अयोध्या का श्रीराम मंदिर ही नहीं, अपितु काशी एवं मथुरा के मंदिरों पर भी हिन्दुओं का अधिकार है । भारत के अनेक स्थानों पर जिन धार्मिक स्थलों पर खुदाई हुई है, वहां हिन्दुओं की सांस्कृतिक धरोहर मिली है । इसलिए ‘प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट’ द्वारा जिन हिन्दुओं के मंदिरों पर अतिक्रमण हुआ है, उन्हें मुक्त करना होगा । ये सभी संतों की मांग है ।’’ ऐसा प्रतिपादन जूना अखाडे के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंदगिरि महाराजजी ने यहां किया । वे विश्व हिन्दू परिषद की केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक के उपरांत हुए पत्रकार सम्मेलन में बोल रहे थे । इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री. आलोक शर्मा एवं महामंत्री श्री. बजरंगलाल बांगडा भी उपस्थित थे ।