‘सनातन प्रभात’ द्वारा जागृत की गई धर्मशक्ति ही हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करेगी !

पाक्षिक ‘सनातन प्रभात’ की २५ वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का संदेश

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी

‘हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु समाज में क्षात्रतेज का जागरण करना काल के अनुसार एक आवश्यक कार्य है । यह वैचारिक कार्य  पाक्षिकक ‘सनातन प्रभात’ विगत २५ वर्षों से वर्ष के ३६५ दिन अर्थात एक भी दिन बिना छुट्टी लिए अखंडित कर रहा है । वर्ष २००० में पत्रकारिता की कोई भी शिक्षा न लिए सनातन के साधकों की सहायता से आरंभ किए गए पाक्षिक ‘सनातन प्रभात’ का आज २५ वर्ष पूरे करना एक विशेषतापूर्ण अनुभूति है । ‘ईश्वर ही ईश्वर का कार्य करा लेते हैं’, इस वचन के अनुसार ‘सनातन प्रभात’ के माध्यम से ईश्वर ही कार्य कर रहे हैं । अपर्याप्त विज्ञापन, पत्रकारिता में होनेवाली व्यावसायिकता का अभाव, अप्रशिक्षित मानव संसाधन इत्यादि अनेक समस्याएं होते हुए भी ईश्वर की कृपा से ‘सनातन प्रभात’ चल रहा है । ‘सनातन प्रभात’ नियतकालिकों का विगत २५ वर्षाें का आगे बढना, व्यावसायिक समाचार पत्रों को भी लज्जित करनेवाला है ।

समाज में अधिक से अधिक धर्मजागृति हो, इस उद्देश्य से कार्यरत मासिक वर्ष २०१६ से पाक्षिक में रूपांतरित हो गया । इस कारण राष्ट्र एवं धर्म के हित से संबंधित, साथ ही राष्ट्र एवं धर्म की हानि से संबंधित अधिक से अधिक घटनाओं को पाठकों तक पहुंचाना संभव हुआ है । विज्ञापनों की संख्या न बढकर भी केवल हिन्दुओं में धर्मजागृति करने के उद्देश्य से बढाई गई पृष्ठसंख्या ‘सनातन प्रभात’ के निःस्वार्थ कार्य का प्रतीक है ।

इन २५ वर्षाें के काल में ‘सनातन प्रभात’ ने अपने शब्दसामर्थ्य से जात्यंधों, समाजद्रोहियों तथा धर्मद्वेषियों के विरुद्ध निरंतर वैचारिक लडाई लडी । ‘सनातन प्रभात’ ने अनैतिकता, भ्रष्टाचार एवं धर्मांधता, इन दुष्प्रवृत्तियों के विरुद्ध आवाज उठाई । अल्पावधि में ही पूरे देश में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना की चर्चा करानेवाला वह एकमात्र नियतकालिक सिद्ध हुआ ।

वर्तमान में ‘सनातन प्रभात’ का ब्राह्म-क्षात्रतेज के दृष्टिकोण से विकसित पाठकवर्ग ही सनातन धर्म की शक्ति बन गया है । ‘सनातन प्रभात’ द्वारा जागृत की गई यह धर्मशक्ति धर्मसंस्थापना के कार्य को बल प्रदान करेगी तथा बहुत शीघ्र ही हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करेगी !’

– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक-संपादक, ‘सनातन प्रभात’ नियतकालिक समूह (१.४.२०२४)