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प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीखे शब्दों में मुसलमानों को चुनौति देते हुए कहा ‘सनातन धर्म से संबंधित प्रतीक मुसलमानों ने हिन्दुओं को शांति से वापस करने चाहिए एवं उसमें कोई विवाद नहीं होना चाहिए ।’ वे यहां ‘आज तक’ वृत्तवाहिनी द्वारा दिए गए साक्षात्कार में ऐसा बोल रहे थे ।
🙏 Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath calls on Mu$lims to peacefully return symbols of Sanatan Dharma to Hindus. 🕉️
He suggests referring to these symbols as disputed structures rather than mosques. 🏛️
If Mu$lims had returned the structures forcibly taken from Hindus, the current… pic.twitter.com/XxSu3XQ3sK
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) January 11, 2025
योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रस्तुत किए गए सूत्र
१. इस्लाम से पूर्व सनातन धर्म का अस्तित्व है !
श्रीहरि विष्णु के १० वें अवतार संभल में जन्म लेंगे । हमारे पुराणों में इसका उल्लेख है । आजकल संभल में जो कुछ दिखाई देता है, वह सभी सनातन धर्म से जुडा हुआ है तथा उसके प्रमाण मिल रहे हैं । भारत में लिखे गए सभी पुराण ३ सहस्र ५०० से ५ सहस्र वर्षों पूर्व लिखे गए हैं । उनकी रचना की गई, तब इस पृथ्वी पर इस्लाम नहीं था तथा केवल सनातन धर्म था । जब इस्लाम ही नहीं था, तब जामा मस्जिद कहां से आई ? ‘ऐन-ए-अकबरी’ (अकबर के राज्य की जानकारी देनेवाले १६ वें शतक की पुस्तक) इसमें कहा है ‘वर्ष १५२६ में संभल में एवं वर्ष १५२८ में अयोध्या में मंदिरों को गिराया गया तथा वहां भवनों का निर्माण किया गया । इसलिए यदि हिन्दू ये स्थान वापस देने की मांग करते हैं, तो वह मान्य करनी चाहिए । यदि उनका धर्मग्रंथ ऐसे कहता होगा, तो उनको अपनी भूल स्वीकार करनी होगी । ऐसी परिस्थिति में, सनातन के प्रतीक उनको (हिन्दुओं को) शांति से वापस दें । ऐसे चिन्ह वापस देने में कोई भी विवाद न हों ।
२. विवादास्पद वास्तुओं को मस्जिद कहने की अपेक्षा विवादग्रस्त रचना कहें !
विवादग्रस्त वास्तुओं को मस्जिद न कहें । जिस दिन हम ऐसा कहना बंद करेंगे, उसी दिन लोग वहां जाना छोड देंगे । इस्लाम में यह भी सच है कि कोई भी धर्म को आहत कर मस्जिद जैसे निर्माण किए गए भवनों में की गई पूजा भगवान को स्वीकार नहीं है । इस्लाम में उपासना हेतु कोई भी भवन की आवश्यकता नहीं है । वह सनातन में है । इस विषय में किसी भी प्रकार का आग्रह नहीं हो सकता ।
३. यह देश मुस्लिम लीग की मानसिकता से नहीं, अपितु भारतीय विचारधारा से चलाया जाएगा ।
४. भारत ने सदैव विश्वभर के पीडित लोगों को आश्रय दिया है ।
५. नए भारत के संदर्भ में अब विचार करने का समय आ गया है ।
६. वक्फ ‘बोर्ड’ नहीं, अपितु ‘भू माफिया’ है ।
संपादकीय भूमिकामुसलमानों ने हिन्दुओं की हडप ली हुये भवन यदि वापस दी होती, तो वर्तमान स्थिति का निर्माण ही न हुआ होता ! अब भी ऐसी चुनौतियों के कारण मुसलमान हिन्दुओं को उनके स्थल वापस करने की संभावना नहीं है । इसलिए हिन्दुओं के भवन हिन्दुओं को कानूनी संघर्ष द्वारा ही वापस लेना पडेगा यही सच्चाई है ! |
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