वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव का चौथा दिवस (२७ जून)

कर्नाटक में एक डॉक्टर हिन्दू युवती और बोझा ढोनेवाले मजदूर मुसलमान युवक का आंतरधर्मीय विवाह होने की जानकारी विवाह पंजीयन कार्यालय (रजिस्ट्रेशन ऑफिस) द्वारा समाचारपत्रों में प्रसारित की गई । इसका संदेश सामाजिक प्रसारमाध्यमों पर प्रसारित होने के केवल २ घंटों में ही एक मुसलमान व्यक्ति ने इस विषय में कार्रवाई करने के लिए पुलिस को आवाहन किया । कुछ मुसलमान अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री से मिलकर विवाह पंजीयन कार्यालय द्वारा किया जानेवाला प्रसारण न करने की मांग की । एक संदेश पर केवल २ दिनों में ही मुसलमान उसके लिए एकत्र हो गए । हिन्दुओं को भी इसप्रकार की संपर्कव्यवस्था निर्माण करना आवश्यक है । इसके लिए हिन्दू विचारकों का संगठन आवश्यक है । हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से विविध राज्यों में हिन्दू विचारकों का संगठन बनाया जा रहा है । इससे हिन्दुओं का दबावतंत्र निर्माण हो सकता है, इसके साथ ही हिन्दू धर्म पर वैचारिक आक्रमण को योग्य प्रकार से प्रत्युत्तर दे पाएंगे ।
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न