US-IRAN WAR : युद्ध रोकने के लिए ईरान के राष्ट्रपति की ओर से लगाई गईं ३ शर्तें !
अमेरिका एवं इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए आक्रमण के कारण पिछले १३ दिन से चल रहा युद्ध रोकने के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ३ शर्तें रखी हैं ।
अमेरिका एवं इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए आक्रमण के कारण पिछले १३ दिन से चल रहा युद्ध रोकने के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ३ शर्तें रखी हैं ।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने घोषणा की है कि भविष्य में जब तक पडोसी देश अपनी भूमि से ईरान पर आक्रमण नहीं करते, तब तक ईरान उन पर आक्रमण नहीं करेगा । इससे खाडी तथा मध्यपूर्व के देशों पर होने वाले आक्रमण अब रुक गए हैं ।
अराघची ने आगे कहा कि हमें विश्वास है कि हम अमेरिका का सामना करेंगे एवं यह उसके लिए बडा संकट प्रमाणित होगा । हम उसकी प्रतीक्षा कर रहे हैं । इसका अर्थ यह नहीं कि हम युद्ध जारी रखने के लिए यह कह रहे हैं, परंतु हम किसी भी परिस्थिति, किसी भी चुनौती एवं किसी भी संभावना का सामना करने के लिए तैयार हैं ।
“हमारे लिए लक्ष्य राजनीतिक एवं सैन्य – दोनों स्तरों पर सत्ता परिवर्तन कराना है l वहां नेतृत्व कौन करेगा, यह तय करना हमारा काम नहीं है । यह निर्णय ईरानी जनता को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों के माध्यम से लेना चाहिए”, ऐसा वक्तव्य इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन साअर ने दिया है ।
२ मार्च की देर रात संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी से भारतीयों को लेकर ४ विमान दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु एवं चेन्नई पहुंचे । सऊदी अरब के जेद्दा से दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई एवं हैदराबाद के लिए १० विशेष विमान उडान भरेंगे, जो वहां से भारतीयों को वापस लाएंगे ।
रूस ने लोगों से स्थानीय ऐप ‘मैक्स’ का उपयोग करने के लिए कहा है ।
अमेरिका विश्व की ऊर्जा आपूर्ति को अपने नियंत्रण में रखना चाहता है तथा देशों को महंगी अमेरिकी गैस क्रय करने के लिए बाध्य करना चाहता है, ऐसा आरोप रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका पर लगाया ।
रूस-यूक्रेन युद्ध के कालखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हस्तक्षेप कर स्थिति को अधिक गंभीर होने से रोका । वर्ष २०२२ के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से प्रत्यक्ष चर्चा की थी ।
१४० करोड भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है इसके लिए रूस, अमेरिका, वेनेजुएला सहित सभी विकल्प उपलब्ध हैं, ऐसी जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दी ।
भारत द्वारा रूस से ईंधन तेल खरीदे जाने के कारण अमेरिका ने भारत पर ५० प्रतिशत आयात शुल्क लगाया था । इस समझौते के चलते अब यह शुल्क घटाकर १८ प्रतिशत कर दिया गया है ।