‘ज्ञानशक्ति प्रसार अभियान’ में सक्रिय सहभाग लेकर ईशकृपा संपादित करें !
स्वयं ग्रंथ खरीदने के साथ ही मित्र-परिवार और अन्य परिचितों को भी ग्रंथ खरीदने के साथ ही उसका प्रचार करने के लिए प्रेरित करें !
स्वयं ग्रंथ खरीदने के साथ ही मित्र-परिवार और अन्य परिचितों को भी ग्रंथ खरीदने के साथ ही उसका प्रचार करने के लिए प्रेरित करें !
एक ही समय में १० अथवा उससे अधिक ग्रंथ खरीदनेवाले ऐसे जिज्ञासुओं की अलग सूची जिले में बनाएं । साथ ही जब सनातन का कोई नूतन ग्रंथ प्रकाशित हो, तब उन्हें संपर्क कर वह नूतन ग्रंथ दिखाने की व्यवस्था करें ।
‘वेद, उपनिषद, पुराण आदि धर्मग्रंथ गत सहस्रों वर्षाें से मार्गदर्शन कर रहे हैं, इसके साथ ही सनातन के ग्रंथ आगे सहस्रों वर्ष मानवजाति का मार्गदर्शन करेंगे’, ऐसा आशीर्वाद एक संत ने दिया है ।
वर्तमान में नवरात्रोत्सव के काल में (नित्य ही) हाथ में ‘सैनिटाइजर’ लगाकर नीरांजन पर हाथ घुमाकर आरती ग्रहण न करें । उदबत्ती (अगरबत्ती), दीपस्तंभ अथवा रसोईघर का चूल्हा इत्यादि प्रज्वलित करने के पहले हाथ धोने हों, तो साबुन से ही हाथ धोएं ।
गंभीर स्थिति के रुग्ण को चिकित्सालय में ले जाना अथवा अधिक कुशलता के चिकित्सकीय उपचार हेतु अन्यत्र स्थलांरित करना, इन कार्याें के लिए रुग्णवाहिका तत्काल और सहज उपलब्ध होना अनिवार्य है ।
आजकल अनेक साधकों को अनिष्ट शक्तियों के कष्ट हो रहे हैं । पितृपक्ष के काल में (२१ सितंबर से ६ अक्टूबर २०२० की अवधि में) इन कष्टों में वृद्धि होने से इस कालावधि में प्रतिदिन न्यूनतम १ घंटा ‘ॐ ॐ श्री गुरुदेव दत्त ॐ ॐ’ नामजप करें ।
संस्था का कार्य अर्पणदाता, शुभचिंतक, विज्ञापनदाताओं द्वारा दिए गए अर्पण पर चलता है । वर्तमान में पेट्रोल के मूल्य में वृद्धि हुई है । इसलिए पेट्रोल पर चलनेवाले दो पहिया वाहन का उपयोग करना खर्चीला हो गया है ।
जो भी सनातन के दिव्य ग्रंथों का अनुवाद मराठी/हिन्दी/अंग्रेजी से गुजराती/कन्नड/मलयालम/तमिल/तेलुगु तथा मराठी से अंग्रेजी में करने के इच्छुक हैं, कृपया यहां संपर्क करें ।
सनातन प्रभात’ नियतकालिकों के जालस्थल (वेबसाइट) पर नियतकालिकों में प्रकाशित किए जानेवाले लेख जालस्थल की विविध ‘कैटेगरीज’ में विभाजित किए गए हैं । इनमें अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय/राज्यस्तरीय/स्थानीय समाचार, राष्ट्र-धर्म लेख, साधना, अनुभूति इत्यादि विविध ‘कैटेगरीज’ का समावेश है ।
जिन्हें अध्यात्म के प्रति रुचि है उन्हें ईश्वरप्राप्ति शीघ्र कराने हेतु तथा संपूर्ण विश्व में हिन्दू धर्म का शास्त्रीय परिभाषा में प्रचार करने के उद्देश्य से, सनातन ने मई २०२१ तक ३३८ अनमोल ग्रंथों का प्रकाशन किया है, भविष्य में हजारों ग्रंथ प्रकाशित होंगे ।