कर्नाटक के हिजाब मामले पर तत्काल सुनवाई करने से उच्चतम न्यायालय ने मना किया
कर्नाटक उच्च न्यायालय में पहले सुनवाई होने दें ! – उच्चतम न्यायालय
कर्नाटक उच्च न्यायालय में पहले सुनवाई होने दें ! – उच्चतम न्यायालय
इस्लाम में कहीं भी लिखा नहीं है कि, हिजाब इस्लाम के महत्व का भाग है । यदि हिजाब महत्व का भाग है, तो संसद में साडी पहनकर आने वाली मुसलमान महिला सांसदों ने धर्म का अपमान किया है ?, ऐसा प्रश्न भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में किया ।
हिंदुओं को हमेशा ‘असहिष्णू’ संबोधित करनेवाले क्या इस आक्रमण के बारे मे अपना मुह खोलेंगे? शिक्षक पर आक्रमण करनेतक धर्मांधों की हिंमत बढी है, यह बात ध्यान मे रखें।
स्वतंत्रता से लेकर अब तक सभी पक्षों के शासनकर्ताओं द्वारा जनता को मूलभूत सुविधाएं न दिए जाने के कारण लोगों को आत्महत्या करनी पडती है, यह शासनकर्ताओं के लिए लज्जास्पद !
इस्लामनुसार आचरण न करने के कारण तालिबानने मलालापर गोली चलाईथी, यह बात वह कैसे भूल सकती है? ऐसी कट्टरता एवं धर्मांधता अब वह कैसे चला लेती है? कर्नाटक भारत मे है, तालिबानी अफगाणिस्तान मे नही, यह उसे हमेशा याद रखना चाहिए तथा भारत के मामलों मे उसे हस्तक्षेप नही करना चाहिए !
मध्यप्रदेश में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने का सरकार के पास कोई भी प्रस्ताव नहीं । हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के विषय का विवाद न्यायालय में लंबित है, ऐसा राज्य के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा है ।
ऐसे आतंकवादियों पर द्रुतगति न्यायालय में मुकदमा चलाकर उन्हे फांसी की सजा देनी चाहिए !
भारत में केवल महाविद्यालयों में नियमानुसार हिजाब पर प्रतिबंध लगाने पर शोर करने वाले पाक के विदेशमंत्री ने पाक मे हिन्दुओं को कितने धार्मिक अधिकार दिए हैं, यह भी बताना चाहिए !
मुंबई के आजान मैदान में रजा अकादमी ने जो दंगा किया था, उसमें हिन्दू महिला पुलिसकर्मी का शीलभंग करनेवाले धर्मांधों के विषय में धर्मनिरपेक्षतावादी और आधुनिकतावादी कुछ नहीं बोलते, इसे ध्यान में लीजिए !
’कांग्रेस सत्ता में आई, तो हिन्दू युवतियों के लिए भी हिजाब पहनने का कानून बनाया जायेगा !’- कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री सुनील कुमार की टिप्पणी !