कोलकाता उच्च न्यायालय प्रकरण

कोलकाता (बंगाल) – बंगाल के रशीदाबाद ग्राम पंचायत की सरपंच लवली खातून की नागरिकता पर विवाद खड़ा हुआ है । मालदा जिले में तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली रशीदाबाद ग्राम पंचायत की प्रमुख लवली खातून को बांग्लादेशी घुसपैठिया बताया जाता है । उन पर बिना पासपोर्ट के भारत में प्रवेश करने का आरोप है । लवली खातून का असली नाम नसिया शेख बताया जाता है । इस संबंध में कोलकाता उच्च न्यायालय ने प्रशासन से अहवाल भी मांगा है ।
१. चंचल की रहने वाली रेहाना सुल्ताना ने वर्ष २०२४ में कोलकाता उच्च न्यायालय में याचिका प्रविष्ट की थी । रेहाना ने वर्ष २०२२ में ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ा था; लेकिन वह लवली खातून से हार गयीं । खातून के चुनाव जीतने के एक-दो महीने के भीतर ही वह तृणमूल कांग्रेस में उपस्थित हो गईं ।
२. खातून के नाम पर वर्ष २०१५ में आधारकार्ड और वर्ष २०१८ में जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया था; लेकिन आरोप है कि ये सभी दस्तावेज फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए हैं । याचिकाकर्ता का दावा है कि खातून ने अपना नाम और आधिकारिक लिखित प्रमाण बदलने सहित अपनी पहचान बदल ली है, यह सिद्ध करने के लिए प्रमाण भी है ।
३. रेहाना के वकील भादुड़ी ने कहा कि हमने स्थानीय पुलिस स्टेशन तथा प्रशासन से शिकायत की; लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई तो हमने वर्ष २०२४ में कोलकाता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया ।
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