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नई देहली – राष्ट्रीय बाल अधिकार सुरक्षा आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने सामाजिक माध्यमों से जानकारी देते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश के देवास में २ ईसाई मिशनरी विद्यालयों में हिन्दुओं की अनुसूचित जाति-जनजातियों के छात्रों को ईसाई प्रार्थना सिखाई जाती है । उन्होंने दावा करते हुए आगे कहा कि इसके द्वारा इन बच्चों को ईसाई बनाने का काम चल रहा है तथा इन विद्यालयों को प्रभावशाली लोगों की सहायता मिल रही है । दोनों विद्यालयों का भ्रमण करने के उपरांत कानुनगो को यह जानकारी मिली है ।
आज मध्य प्रदेश के देवास जिले के आदिवासी अंचलों में दौरे के दौरान दो अलग-अलग संस्थाओं का निरीक्षण किया दोनों ही संस्थान मिशनरी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे थे।
जे जे एक्ट की परिभाषा में CNCP बच्चों को पंजीकृत बालगृह में CWC के आदेश से ही रखा जा सकता है,यहाँ इस क़ानून का खुला… pic.twitter.com/u5K1imKzLW— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) December 23, 2023
कानुनगो ने आगे कहा कि इस विद्यालय के सभी छात्र हिन्दू हैं । उनको ईसाईयों की सभी प्रार्थनाएं कंठस्थ हैं । १० वर्ष से अल्प आयु के छात्रों द्वारा घास कटवाई जाती है तथा शौचालय भी स्वच्छ करवाए जाते हैं । देखा गया है कि इन विद्यालयों को विदेश से धन की आपूर्ति की जाती है । इन विद्यालयों के संबंध राजनीतिक लोगों के साथ हैं । इससे स्पष्ट होता है कि यहां के ‘प्रभावशाली’ लोगों का उपयोग कर हिन्दू छात्रों के धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा है । इस संदर्भ में मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस भेजकर कार्रवाई की जाएगी ।
संपादकीय भूमिकामध्य प्रदेश में पिछले अनेक वर्षों से भाजपा की सरकार होते हुए भी इस प्रकार की घटनाएं कैसे चल रही हैं ? हिन्दुओं के मन में ऐसा प्रश्न उठ रहा है ! ऐसी घटनाएं तत्काल बंद कर संबंधित लोगों पर कडी कार्रवाई होना आवश्यक है ! |
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