
भारत की अद्वितीयता समझ लें !
‘पूरे विश्व के विदेशी लोगों को भारत के विषय में प्रेम प्रतीत होता है, उसका कारण है भारत के संतों द्वारा सिखाई जानेवाली साधना तथा अध्यात्म, न कि नेता और शासनकर्ता !’
भारतीयों के लिए यह लज्जाजनक !
‘एक सीताहरण होने पर प्रभु श्रीराम ने हरण करनेवाले रावण का वध किया । इसके विपरीत आजकल प्रत्येक वर्ष सहस्रों लडकियों का अपहरण हो रहा है; परंतु उसके लिए संबंधित व्यक्ति ही नहीं, कोई सरकार भी कुछ नहीं करती !’
ईश्वरीय राज्य में सभी स्थानों के नाम चैतन्यदायी होंगे !
‘ईश्वरीय राज्य में घर, उद्यान, मार्ग इत्यादि सभी स्थानों के नेताओं, विदेशी एवं अन्य धर्मी नामों को परिवर्तित कर दिया जाएगा; क्योंकि उनसे रज-तम प्रक्षेपित होता है । नए नाम राष्ट्रप्रेमी, धर्मप्रेमी, संत एवं ऋषि-मुनियों के होंगे । उनके नाम के चैतन्य से जनता का भला होगा ।’
– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?