
भारत की अद्वितीयता समझ लें !
‘पूरे विश्व के विदेशी लोगों को भारत के विषय में प्रेम प्रतीत होता है, उसका कारण है भारत के संतों द्वारा सिखाई जानेवाली साधना तथा अध्यात्म, न कि नेता और शासनकर्ता !’
भारतीयों के लिए यह लज्जाजनक !
‘एक सीताहरण होने पर प्रभु श्रीराम ने हरण करनेवाले रावण का वध किया । इसके विपरीत आजकल प्रत्येक वर्ष सहस्रों लडकियों का अपहरण हो रहा है; परंतु उसके लिए संबंधित व्यक्ति ही नहीं, कोई सरकार भी कुछ नहीं करती !’
ईश्वरीय राज्य में सभी स्थानों के नाम चैतन्यदायी होंगे !
‘ईश्वरीय राज्य में घर, उद्यान, मार्ग इत्यादि सभी स्थानों के नेताओं, विदेशी एवं अन्य धर्मी नामों को परिवर्तित कर दिया जाएगा; क्योंकि उनसे रज-तम प्रक्षेपित होता है । नए नाम राष्ट्रप्रेमी, धर्मप्रेमी, संत एवं ऋषि-मुनियों के होंगे । उनके नाम के चैतन्य से जनता का भला होगा ।’
– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
मुंबापुरी में सहस्रों के समष्टि संकल्प से राष्ट्ररक्षा हेतु प्राप्त हुआ आध्यात्मिक बल !
Bangladesh Hindus : पिछले ४ महीनों में १०० हत्याएं, २८ बलात्कार एवं ९५ मंदिरों में तोडफोड
संपादकीय : राष्ट्र के लिए त्याग करें !
मथुरा (उत्तर प्रदेश) में रामराज्य की स्थापना हेतु की गई सामूहिक प्रार्थना !
नोएडा (उत्तर प्रदेश) के विद्यालय में ‘लव जिहाद’ विषय पर व्याख्यान