आरोपी के प्राण संकट में पड सकते हैं ! – न्यायालय का मत

नई देहली – देहली में रहनेवाली एक महिला को उसके मुसलमान प्रेमी द्वारा धर्मांतर करने के लिए बाध्य करने की घटना का समाचार एवं वीडियो जालस्थलों पर से हटाने का आदेश देहली उच्च न्यायालय ने ट्वीटर, गूगल एवं अन्य सामाजिक माध्यमों को दिया है । इस विषय में जानकारी तंत्रज्ञान मंत्रालय, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एवं डिजिटल मानक प्राधिकरण को भी नोटिस भेजी गई है । न्यायालय ने चेतावनी दी है कि यदि यह समाचार हटाया नहीं गया, तो कार्रवाई की जाएगी ।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुदर्शन न्यूज, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को मुस्लिम व्यक्ति पर जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाने वाली खबरों को हटाने का आदेश दिया #DelhiHighCourt #Media https://t.co/cORgoqCkBs
— Live Law Hindi (@LivelawH) May 12, 2023
१. न्यायालय ने आदेश देते हुए कहा है कि यह एक गंभीर संकट है; कारण लोग सामाजिक माध्यमों पर ऐसे समाचारों पर विविध प्रकार की प्रतिक्रियाएं देते हैं । याचिकाकर्ता की सुरक्षा का प्रश्न होने से इस समाचार को हटाया जाना चाहिए ।
२. याचिकाकर्ता का नाम अजमत अली खान है । उसका कहना है कि वह इस महिला के साथ गत ८ वर्षों से ‘लिव इन रिलेशनशिप’में (बिना विवाह किए एकत्र रहना) रह रहा है । इस महिला के शिकायत करने पर उसका समाचार सर्वत्र प्रकाशित हुआ । वह समाचार जालस्थल पर से हटाने के लिए याचिका प्रविष्ट की है । ऐसे समाचारों के कारण प्राण, प्रतिष्ठा एवं सुरक्षा संकट में पड सकती है । आगे उसने दावा किया है कि उस पर धर्मांतर का आरोप भी झूठा है ।
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