स्नानपूर्व आचारों का अध्यात्मशास्त्रीय आधार

- उषाकाल में सोते क्यों नहीं रहना चाहिए ?
- ब्रश से नहीं, उंगली से दंतधावन उचित क्यों ?
- झाडू कमर से झुककर लगाना उचित क्यों ?
स्नान से लेकर सांझतक के आचारों का अध्यात्मशास्त्रीय आधार
- स्नान के समय श्लोकपाठ / नामजप क्यों करें ?
- उकडूं बैठकर कपडे क्यों न धोएं ?
- संध्यासमय घर में दीप जलाने का शास्त्र क्या है ?
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सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?