
अमृतसर – खालिस्तान के हमारे लक्ष्य को गलत और वर्जित रुप से न देखा जाए, ऐसे विषैले बोल ‘वारिस पंजाब दे’ इस खालिस्तान समर्थक संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने बोले । ‘इसके भू-राजनीतिक लाभों को बौद्धिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए । यह एक विचारधारा है और विचारधारा कभी भी नहीं मरती । हम यह (खालिस्तान) देहली से नहीं मांग रहे’, ऐसा भी उसने आगे कहा है ।
संपादकीय भूमिकाखालिस्तानवादी अब खुले रूप से उनके बंटवारे के लक्ष्य को जनसमर्थन पाने का प्रयास कर रहे हैं, यही इससे स्पष्ट होता है ! क्या सरकार अब खालिस्तानी आंदोलन को कुचलेगी ? |
हमारे पास लाठीमार के लघु चलचित्र देखने का समय नहीं है !
संसद में विपक्ष का हंगामा : दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ घंटों के लिए स्थगित
श्री राम मन्दिर में दान की चोरी होना समाज के नैतिक पतन की पराकाष्ठा – न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन, इलाहाबाद उच्च न्यायालय
Hindustan Unilever Compensation : ‘हिन्दुस्तान युनिलिवर लिमिटेड’ प्रतिष्ठान को ग्राहक को क्षतिपूर्ति के रूप में ५० सहस्र रुपए देने का आदेश ।
Cockroach Party Sets Condition : बातचीत के लिए जंतर मंतर पर आईए अथवा किसी सार्वजनिक स्थान पर बैठक लीजिए ।
अमेरिका में भारत-विरोधी खालिस्तानियों के विरुद्ध कार्यवाही करना अपराध माना जाएगा ।