
अमृतसर – खालिस्तान के हमारे लक्ष्य को गलत और वर्जित रुप से न देखा जाए, ऐसे विषैले बोल ‘वारिस पंजाब दे’ इस खालिस्तान समर्थक संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने बोले । ‘इसके भू-राजनीतिक लाभों को बौद्धिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए । यह एक विचारधारा है और विचारधारा कभी भी नहीं मरती । हम यह (खालिस्तान) देहली से नहीं मांग रहे’, ऐसा भी उसने आगे कहा है ।
संपादकीय भूमिकाखालिस्तानवादी अब खुले रूप से उनके बंटवारे के लक्ष्य को जनसमर्थन पाने का प्रयास कर रहे हैं, यही इससे स्पष्ट होता है ! क्या सरकार अब खालिस्तानी आंदोलन को कुचलेगी ? |
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