केंद्र सरकार का उच्चतम न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र

नई देहली – हमें मृत व्यक्ति और उसके परिवार के विषय में संपूर्ण सहानुभूति है; लेकिन वैक्सिनेशन के उपरांत व्यक्ति पर हुए किसी भी प्रतिकूल परिणाम के लिए हमें उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता, ऐसा प्रतिज्ञापत्र केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत किया । पिछले वर्ष कोरोना प्रतिबंधक वैक्सीन के उपरांत २ लडकियों की मृत्यु हो गई थी । इस विषय में इन लडकियों के अभिभावकों ने उच्चतम न्यायालय में याचिका प्रविष्ट की थी । उन्होंने कोरोना वैक्सिन के कारण हुई मृत्यु की स्वतंत्र जांच करने की मांग की थी । इसके साथ ही वैक्सिनेशन के उपरांत होने वाले दुष्परिणाम समय पर खोजकर उस पर उपाय योजना करने के लिए विशेषज्ञों की समिति स्थापित करने का आदेश देने की मांग भी की थी । इस पर न्यायालय ने केंद्र सरकार से उत्तर मांगा था ।
कोरोना वैक्सीनेशन की वजह से हुईं कथित मौतों पर केंद्र सरकार ने कोई जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है | @sanjoomewati
— AajTak (@aajtak) November 29, 2022
याचिकाकर्ता की हानि भरपाई की मांग को नकारते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि, वैक्सिनेशन से होने वाले दुष्परिणामों से किसी व्यक्ति को शारीरिक पीडा अथवा उसकी मृत्यु होती है, तो कानून के अनुसार वह अथवा उसका परिवार हानि भरपाई का दावा दीवानी न्यायालय में कर सकता है । लापरवाही संबंधित ऐसे मुकदमे प्रत्येक प्रकरण के आधार पर प्रविष्ट किए जा सकते हैं ।
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