
त्रिशूर (केरल) – यहां एक इस्लामी संस्था में पढने वाले मुसलमान विद्यार्थी हिन्दू गुरु की देखरेख में संस्कृत श्लोक और मंत्र सीखते हैं । गुरू और शिष्य के बीच संभाषण भी संस्कृत में होता है । ‘मलिक दीनार इस्लामिक कॉम्प्लेक्स’ (एम.आई.सी.) द्वारा संचालित ‘एकेडमी ऑफ शरिया एंड एडवांस्ड स्टडीज’ के प्राचार्य ओनमपिल्ली मोहम्मद फैजी कहते हैं कि, संस्कृत, उपनिषद, पुराण, ग्रंथ इत्यादि पढाए जाने के पीछे का उद्देश्य यही है कि विद्यार्थियों को अन्य धर्मों के विषय में ज्ञान और जागरुकता निर्माण होनी चाहिए ।
Islamic institute in #Thrissur sets example by teaching Sanskrit#Kerala https://t.co/ziPFjLKXCQ
— Zee News English (@ZeeNewsEnglish) November 13, 2022
‘एम.आई.सी.’ में विद्यार्थी संस्कृत बोलते हुए दिखते हैं । संस्था के प्राचार्य ने कहा कि इन विद्यार्थियों के १०वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के उपरांत आठ वर्षों तक भगवद्गीता, उपनिषद, रामायण, महाभारत के महत्वपूर्ण अध्याय पढाए जाते हैं ।
संपादकीय भूमिकायदि कट्टर मुसलमान अब इस इस्लामी संस्था के प्रशंसनीय पाठ्यक्रम पर हमला करना शुरू कर दें तो चौंकिए मत ! |
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