पौष पूर्णिमा (१७ जनवरी)

गंगास्नान धर्माशास्त्रानुसार करें !
१. ‘गंगाजी शिवतत्त्व का सगुण रूप है’, इस मनोभाव से नमस्कार करें तथा विष्णुस्मरण करें ।
२. गंगास्नान हेतु नदी में उतरने पर प्रवाह अथवा सूर्य की दिशा में मुख कर नाभि तक पानी में तीन डुबकियां लगाएं । स्नान करते समय श्लोक पाठ अथवा देवता का जप करें । नाभि तक पानी में खडे रहकर गंगाजी को अर्घ्य दें । स्नान के उपरांत कदंब के पुष्प से गंगाजी का पूजन करें ।
Puri Rath Yatra : पुरी में विश्वविख्यात भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।
हरियाणा में सनातन संस्था द्वारा आयोजित निःशुल्क सनातन संस्कार प्रशिक्षण शिविर संपन्न