आगामी आपातकालमें प्राणरक्षा करने हेतु स्वयं सक्षम बनें !
आगामी कालमें विश्वयुद्ध सहित बाढ, भूकम्प आदि प्राकृतिक आपदाएं भी होंगी । उस समय डॉक्टर, वैद्य, औषधियां आदि उपलब्ध होना कठिन होगा । ऐसेमें विकार और आपदाओं का सामना करनेकी पूर्वतैयारीके रूपमें यह ग्रन्थमाला पढें ! ये ग्रन्थ सामान्यतः भी उपयुक्त हैं ।
स्थानकी उपलब्धताके अनुसार औषधीय वनस्पतियोंका रोपण
घरकी ‘बालकनी’, आंगन, खेत आदि में लगानेयोग्य २०० औषधीय वनस्पतियोंकी जानकारी एवं १०० रोगोंपर उनका उपयोग ग्रन्थमें दिया है । आगामी विश्वयुद्धकालमें होनेवाली औषधियोंकी अनुपलब्धता ध्यानमें रख, अभी ही इन वनस्पतियोंका रोपण करें !
औषधीय वनस्पतियोंका रोपण कैसे करें ? (मन्त्र, आध्यात्मिक यन्त्र एवं आध्यात्मिक उपचारों सहित)

अल्प (कम) मिट्टीमें औषधीय वनस्पतियोंका रोपण करना, बडी संख्यामें रोपण हेतु रोपवाटिका बनाना, मृदा-परीक्षण, जैविक (प्राकृतिक) खाद, औषधीय वनस्पतियोंसे उपयोगी भाग निकालना एवं संग्रहित करना आदि सम्बन्धी सरल मार्गदर्शन करनेवाला ग्रन्थ !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?