सनातन प्रभात > Post Type > सच्चिदानंद परब्रह्म डाॅ. आठवले > धर्मरक्षा करें ! धर्मरक्षा करें ! 12 Aug 2021 | 11:37 AM Share this on :TwitterFacebookWhatsapp परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के ओजस्वी विचार (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले ‘धर्मरक्षा करने पर स्वयं की रक्षा होती है, यह ध्यान में रखें ।’ – (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले Share this on :TwitterFacebookWhatsapp नूतन लेख सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की विभिन्न कृतियों से प्रक्षेपित स्पंदनों का अध्ययनसच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के माथे पर अंकित कमल सुस्पष्टता से दिखाई देने का कारण !‘श्री गुरु पर श्रद्धा’, यही भवसागर से पार होने की एकमात्र गुरुकुंजी !संतों के जन्मदिन पर ही भारत तथा बंगाल स्वतंत्र होने का एक दैवी संकेत ।राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा के कार्य को प्रत्येक हिन्दू तक पहुंचाना आवश्यक ! – कुमार चेलप्पन, ज्येष्ठ पत्रकारग्रंथवाचन एवं ग्रंथों के लिए चिन्हित कतरनों से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का ध्यान में आया ईश्वरत्व !