
(उत्तर प्रदेश) – उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार के काल में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं, जबकि आज का स्वरूप त्रेतायुग की स्मृति कराता है । अब मथुरा, वृंदावन तथा श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विषय में भी खुलकर चर्चा होनी चाहिए, ऐसा वक्तव्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यहां एक कार्यक्रम में दिया ।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार के समय सरकारी धन कब्रिस्तान बनाने में खर्च किया जाता था, जबकि अब वही धन मंदिरों तथा विकास कार्यों पर व्यय किया जा रहा है । मुरादाबाद की पहचान अब दंगों के कारण नहीं, बल्कि पीतल उद्योग तथा किसानों के परिश्रम के कारण है । राज्य में अब बाबर राज अथवा बाबरी विचारधारा नहीं चलेगी — यह जनता ने सिद्ध कर दिखाया है ।
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