Pakistan Gurdwara : पाकिस्तान में १२५ वर्ष पुरातन गुरुद्वारा ध्वस्त करने का प्रयास

सिखों के विरोध के कारण ध्वंस रोकना पडा !

फारुखाबाद (पाकिस्तान) — पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फारुखाबाद में स्थित १२५ वर्ष पुरातन ऐतिहासिक धरोहर ‘गुरुद्वारा श्री सिंह सभा’ की स्थानीय भूमि हडप गुंडों ने प्रशासन के साथ मिलीभगत करके ध्वस्त करने का प्रयास किया । यह घटना २४ जून की रात्रि में हुई । घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय सिख समुदाय के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जुटे एवं उन्होंने तीव्र विरोध करते हुए तोडफोड बंद करवाई । सिखों के बढते आक्रोश एवं दबाव के सामने स्थानीय प्रशासन ने वर्तमान में अस्था स्तर इस ऐतिहासिक स्थल को ‘सील’ कर दिया है तथा यहां किसी भी प्रकार के निर्माण या आगे की तोडफोड पर प्रतिबंध लगा दिया गया है ।

चार वर्ष से रचा जा रहा था षड्यंत्र

स्थानीय सिख कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को नष्ट करने का षड्यंत्र गत चार वर्षों से रचा जा रहा था। चार वर्ष पूर्व तक इस गुरुद्वारे की प्राचीन पहचान पूर्णरूप से सुरक्षित थीं, जिसका लघु चलचित्र सामाजिक माध्यम पर तीव्रगति से घूम रहा था । उसके उपरांत कुछ समय पूर्व भूमि हडप करनेवाले गुंडोने गुरुद्वारे के मुख्य गुम्बद को तोडकर उस पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया ।

षड्यंत्र में सम्मिलित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई हो

सिखों का आरोप है कि उस समय भी पुलिस एवं प्रशासन के पास आरोप लिखित स्वरूप में प्रविष्ट किए गए थे; परंतु पाकिस्तान के ‘इवैक्यूएशन ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड’ एवं ‘पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमिटी’ ने इस अमूल्य धरोहर की रक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसका परिणाम आज सबके समक्ष है ।

सिखों ने मांग की है कि इस षड्यंत्र में सम्मिलित भूमि हडप गुडों एवं भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों को त्वरित बंदी बनाया जाए एवं उनके विरुद्ध कठोर आपराधिक दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाए ।
वक्फ बोर्ड ने बताया है कि इस प्रकरण में कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है; परंतु सिख समुदाय में अविश्वास की भावना बनी हुई है ।

संपादकीय भूमिका

अब विश्व एवं पाकिस्तान में खालिस्तान की मांग करने वाले तथा खालिस्तानी समर्थक आतंकवाद की इन घटनाओं का *प्रतिरोध क्यों नहीं करते ? खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू अब किस बिल में छिपा बैठा है ?