सोलापुर बस स्थानक (स्टेशन) में स्वच्छता तथा प्रबंधन पूर्णतः ध्वस्त !

यात्रियों तथा कर्मचारियों को करना पड रहा है असुविधाओं का सामना !

श्री. गोपीचंद व्हनमारे, सोलापुर

परिसर का कचरा

सोलापुर – यहां का बस स्थानक राज्य का एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है । सोलापुर से वर्तमान में संचालित पुराना केंद्रीय एस्.टी. बस स्थानक बढती यात्री संख्या के कारण अपर्याप्त सिद्ध हो रहा है । यात्रियों की बढती मांग के अनुसार बस गाडियों की संख्या तो बढाई गई है, किंतु स्थानक में स्वच्छता तथा प्रबंधन की गंभीर कमियां दिख रही हैं ।

परिसर में यहां वहां बिखरी हुई वस्तुएं

वर्तमान में ५ कर्मचारी स्वच्छता हेतु कार्यरत हैं तथा प्रातः ६ से रात्रि १० बजे की अवधि में स्वच्छता की जाती है । वास्तव में स्वच्छता की स्थिति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई । ‘१ जून से स्वच्छता कर्मचारियों की संख्या बढाई जाएगी’, ऐसा कहा गया था; परंतु वास्तव में ऐसा दिखाई नहीं दिया । स्वच्छता गृह में गुटखा खाकर थूकना, यात्रियों के बैठने हेतु आसनों (बेंचों) की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को भूमि पर ही बैठना पडना, ये समस्याएं हैं । प्लेटफॉर्म भी स्वच्छ न किए जाने के कारण यात्रियों को अस्वच्छता का कष्ट सहन करना पड रहा है ।

दुपहिया वाहन पार्किंग में सोया हुआ व्यक्ति

गाड़ियों की जीर्ण स्थिति तथा अस्वच्छता !

१. कई बार बस (गाडियों) की स्थिति भी अत्यंत दयनीय होती है । बस में पानी की खाली बोतलें, खाद्य पदार्थों के पैकेट, छिलके तथा धूल दिखाई देती है । स्थानक की सुरक्षा व्यवस्था भी अपर्याप्त है एवं सुरक्षा कर्मचारी कहीं भी दिखाई नहीं दे रहे थे ।

चालकों के विश्राम गृह में सुविधाओं का अभाव

२. बस स्थानक में आवारा कुत्तों का घूमना बढ गया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा का प्रश्न उत्पन्न हो गया है ।

चालकों के विश्राम गृह की अल्मारी में बासी भोजन, गुटखा तथा गंदगी भरी हुई !

३. यहां के उपहार गृह (कैंटीन) में पीने के पानी की बोतल के लिए २० रुपये मूल्य लिए जाने की शिकायत है । स्थानक में पेयजल की सुविधा तो है, किंतु उस स्थान पर जो नल है वह बंद होने के कारण नागरिकों को पानी खरीदना पडता है ।

४. ‘हिरकणी कक्ष’ महिला चालकों तथा परिचालकों (कंडक्टरों) के वस्त्र परिवर्तन के कक्ष में स्थापित किया गया है, किंतु उस स्थान पर कोई भी दिशा-सूचक बोर्ड (साइनबोर्ड) नहीं लगाया गया है ।

चालक-परिचालकों का अस्वच्छ विश्राम गृह !

शौचालय की दुर्दशा

चालक तथा परिचालकों के विश्राम गृहों में बडे स्तर पर अस्वच्छता है । शयन के लिए आवश्यक सुविधाओं का अभाव है । कुछ कर्मचारियों ने गद्दों की व्यवस्था की है, परंतु आधिकारिक स्तर पर कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है ।

प्रसाधन गृह की दुर्दशा

चालक-परिचालकों के लिए बने शौचालय एवं स्नानगृह की अवस्था अत्यंत दयनीय है तथा कई स्थानों पर द्वार (दरवाजे) भी नहीं हैं । अस्थाई पत्रे (टीशेड) के कक्षों में कर्मचारियों को विश्राम करना पड रहा है । वहां भी स्वच्छता का सर्वथा अभाव है ।

स्थानक पर एकत्रित करके रखा गया कचरा

त्रुटियों पर निवारक उपाय करने का आगार प्रमुख (डिपो मैनेजर) का आश्वासन !

इस संदर्भ में आगार प्रमुख उत्तम जुंदळे से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि ‘हिरकणी कक्ष’ के स्थान पर सूचना बोर्ड लगाएंगे तथा सरकारी पेयजल के संदर्भ में उचित मूल्य पर विक्रय करने के निर्देश देंगे’ । सुलभ शौचालय के स्थान पर जो कर्मचारी गुटखा खाकर आता है, उसे तत्काल ५०० रुपये दंडित करने का आदेश उन्होंने दिया, साथ ही सुरक्षाकर्मियों को प्रामाणिकता से पहरा देना आवश्यक है, ऐसा मत भी उन्होंने इस अवसर पर व्यक्त किया ।

बस स्थानकों की दयनीय स्थिति की जानकारी छाया चित्रों सहित भेजें 

आप के क्षेत्र के बस स्थानक भी अस्वच्छ हों, पेयजल, बैठने के लिए बैंच, कूढेदान जैसी न्यूनतम सुविधाओं का भी यदि वहां अभाव हो, तो बस स्थानकों की इस प्रकार की दयनीय स्थिति की जानकारी छायाचित्रों के साथ ‘सनातन प्रभात’को ‘९२२५६३९१७०’, इस ‘वॉट्सएप’ क्रमांक पर भेजें तथा बस स्थानकों की दयनीय स्थिति की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर इस स्वच्छता अभियान में सहयोग दें ।

नागरिकों से आवाहन 

‘बसस्थानकों की स्वच्छता’ रखना जैसे एस्.टी. निगम का दायित्व है, वैसे ही ‘सजग नागरिक’ के रूप में हमारा भी दायित्व है । ‘एस्.टी. सर्वसामान्य यात्रियों का आधार है’, इसका भान रखकर बस स्थानक स्वच्छ-सुंदर बने रहें, इसके लिए प्रत्येक नागरिक इस अभियान में योगदान दें ।

सूचनाएं प्रविष्ट करें 

वल्लभ नगर बस स्थानक की दयनीय स्थिति के विषय में महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम के ‘https://msrtc.maharashtra.gov.in/GeneralPages/Suggestions.aspx’, इस लिंक पर ‘सनातन प्रभात’ने सूचना प्रविष्ट की है । आप भी अपनी सूचना तुरंत प्रविष्ट करें !