वल्लभनगर (पिंपरी-चिंचवड) बस स्थानक पर यात्रियों की असुविधाओं की ‘यात्रा’ चल रही है

कुछ स्तरों पर सुधारों के प्रयास ।

मार्च-अप्रैल २०२३ में ‘सनातन प्रभात’ में निरंतर १८ दिन तक राज्य के बस स्थानकों की दयनीय स्थिति के संबंध में जानकारी देनेवाली लेख माला प्रकाशित हुई थी । उसके उपरांत १ मई २०२३ को तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री एकनाथ शिंदे ने ‘हिन्दूहृदयसम्राट बालासाहब ठाकरे स्वच्छ एवं सुंदर बस स्थानक’ अभियान आरंभ किया । वर्तमान परिवहनमंत्री प्रताप सरनाईक इस अभियान को समर्थ रूप से आगे ले जा रहे हैं । बस स्थानक स्वच्छ रहें, इसके लिए वे स्वयं बस स्थानकों का अवकलोकन कर रहे हैं, परंतु अभी भी कुछ बस स्थानकों की स्थिति अत्यंत दयनीय है । यह स्थिति प्रशासन के ध्यान में आए, इसके लिए ‘सनातन प्रभात’ने बस स्थानकों की दयनीय स्थिति के विषय में समाचार माला पुनः आरंभ की है ।

बस स्थानक पर वर्तमान में पानी का प्रबंध किया गया

पिंपरी-चिंचवड – यहां का वल्लभनगर बस स्थानक औद्योगिक एवं नगरीय क्षेत्र के यात्रियों के लिए एक महत्त्वपूर्ण केंद्र है, परंतु वर्तमान समय में इस स्थानक पर कुछ मूलभूत सुविधाओं का अभाव होने के कारण यात्रियों को कष्ट सहना पड रहा है ।

१. पेयजल की व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं है । वहां का पानी ‘हाथ धोने के लिए है अथवा पीने के लिए है ?’, यह समझ में नहीं आता । इसविषय में पूछे जाने पर वहां के कर्मचारी ने बताया, ‘‘बहुत शीघ्र ३ जलशीतक (पानी के कूलर) लगाए जानेवाले हैं ।’’ स्थानक पर भले ही पेयचल की व्यवस्था की गई हो, तब भी वास्तव में वहां पेयजल उपलब्ध न होने से यात्रियों के सामने बोतलबंद पानी खरीदने के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं बचा है ।

२. कुछ स्थानों पर प्लास्टिक पडा होता है, कुछ स्थानों पर कचरा, गंदगी एवं धूल का साम्राज्य है । उस विषय में ‘सनातन प्रभात’के प्रतिनिधि द्वारा वहां के कर्मचारियों से पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी क्षमता के अनुरूप प्रयास कर रहे हैं, परंतु इसमें हमें यात्रियों का सहयोग भी अपेक्षित है । कुछ यात्रियों को हमें यह बताना पडता है, ‘आप यहां खुले में शौच न करें । उस बाजू में सुलभ शौचालय है । न थूके, प्लास्टिक न फेंके, उसके लिए कूढेदान रखा गया है ।’ (ऐसा करनेवाले यात्रियों से बडा आर्थिक दंड लेना ही इसका उपाय है – संपादक) कुछ दिन पूर्व अन्य समाचारपत्र में इस स्थानक की गंदगी के विषय में समाचार प्रकाशित हुआ था । उसमें स्थानक प्रमुख वैशाली कांबले ने कहा था कि यात्रियों से लिया जानेवाला स्वच्छता अधिकार बस स्थानक की स्वच्छता के लिए नहीं लिया जाता, अपितु बस की स्वच्छता के लिए लिया जाता है । हमारे पास जो मानव संसाधन उपलब्ध है, उसके बल पर स्थानक को स्वच्छ रखने का प्रयास करते हैं । इस समाचार में यात्रियों ने भी यहां की गंदगी के प्रति असंतोष व्यक्त किया था ।

३. लंबी दूरी की यात्रा के यात्रियों को बस की प्रतीक्षा करते समय रूकने के लिए विश्रामगृह उपलब्ध नहीं है ।

४. बसस्थानक पर महिलाओं के लिए ‘हिरकणी कक्ष’ (छोटे बच्चों को दूध पिलाने के लिए महिलाओं के लिए बनाया गया कक्ष) अन्य समय पर बंद होता है, परंतु किसी महिला को उसका उपयोग करना हो, तो वह बंद होने के कारण उसे उस विषय में जानकारी नहीं मिलती । तब भी किसी को इस कक्ष की आवश्यकता पडी, तो इस कक्ष की चाबी कहां उपलब्ध होगी, इसकी जानकारी देनेवाला फलक लगाना आवश्यक है ।

प्रशासन की ओर से हो रहे सकारात्मक परिवर्तन ।

एक ओर कुछ गंभीर त्रुटियां हैं, तब भी दूसरी ओर कुछ विषयों में प्रशासनिक तत्परता भी दिखाई दे रही है ।

१. सुधार एवं स्वच्छता – बस स्थानक पर स्थित गढ्ढे बंद करने का काम वर्तमान समय में युद्धस्तर पर चल रहा है । साथ ही, पहले की तुलना में शौचालयों की स्वच्छता अधिक अच्छे ढंग से कराई जा रही है ।

२. संवाद व्यवस्था कार्यान्वित – स्थानक पर डिपो व्यवस्थापक एवं अधिकारियों के संपर्क क्रमांक दर्शनीय भाग में लगाए गए हैं । विशेष बात यह कि इन क्रमांकों से संपर्क करने पर अधिकारियों ने तत्काल प्रत्युत्तर कर शंका-समाधान किया ।

३. नियोजित वाहनतल व्यवस्था – निजी ठेके के द्वारा वाहनतल का उचित रखरखाव किया जा रहा है । दोपहिया वाहन के लिए १० रुपए तथा चारपहिया वाहन के लिए २० रुपए, इसप्रकार से उचित मूल्य लिया जा रहा है ।

४. अन्य सुविधाएं – स्थानक पर बसों की समय सारणी सुस्पष्टता से लगाई गई है । उपाहार गृह के सुधार का काम चल रहा है, उसके कारण वर्तमान में उसकी व्यवस्था तात्कालिक रूप से पिछली बाजू में की गई है । चालक-वाहकों के विश्राम के लिए भी नई सुविधा उपलब्ध कराने का काम चल रहा है ।

बस स्थानकों की दयनीय स्थिति की जानकारी छाया चित्रों सहित भेजें 

आप के क्षेत्र के बस स्थानक भी अस्वच्छ हों, पेयजल, बैठने के लिए बैंच, कूढेदान जैसी न्यूनतम सुविधाओं का भी यदि वहां अभाव हो, तो बस स्थानकों की इस प्रकार की दयनीय स्थिति की जानकारी छायाचित्रों के साथ ‘सनातन प्रभात’को ‘९२२५६३९१७०’, इस ‘वॉट्सएप’ क्रमांक पर भेजें तथा बस स्थानकों की दयनीय स्थिति की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर इस स्वच्छता अभियान में सहयोग दें ।

नागरिकों से आवाहन 

‘बसस्थानकों की स्वच्छता’ रखना जैसे एस्.टी. निगम का दायित्व है, वैसे ही ‘सजग नागरिक’ के रूप में हमारा भी दायित्व है । ‘एस्.टी. सर्वसामान्य यात्रियों का आधार है’, इसका भान रखकर बस स्थानक स्वच्छ-सुंदर बने रहें, इसके लिए प्रत्येक नागरिक इस अभियान में योगदान दें ।

सूचनाएं प्रविष्ट करें 

वल्लभ नगर बस स्थानक की दयनीय स्थिति के विषय में महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम के ‘https://msrtc.maharashtra.gov.in/GeneralPages/Suggestions.aspx’, इस लिंक पर ‘सनातन प्रभात’ने सूचना प्रविष्ट की है । आप भी अपनी सूचना तुरंत प्रविष्ट करें !

 

संपादकीय भूमिका

राज्य परिवहन निगम के प्रशासन को क्या ये मूलभूत समस्याएं दिखाई नहीं देती ? क्या प्रशासन केवल कागद पर सुविधाओं की उपलब्धता दिखाकर यात्रियों का दिशाभ्रम कर रहा है ?