मंत्री द्वारा चित्र की आलोचना

चेन्नई (तमिलनाडु) – तमिलनाडु के प्रसिद्ध तमिल कवि एवं दार्शनिक तिरुवल्लुवर के चेन्नई स्थित गिंडी के ‘तमिलनाडु लोक भवन’ में ‘तिरुवल्लुवर दिवस’ समारोह का आयोजन किया गया । इस अवसर पर उनका भगवा वस्त्र धारण किए हुए चित्र प्रदर्शित किया गया, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया । इस चित्र में तिरुवल्लुवर को भगवा वस्त्र पहने हुए, गले में रुद्राक्ष की माला धारण किए हुए तथा ललाट पर पवित्र भस्म लगाए हुए दर्शाया गया था । तमिलनाडु के मंत्री अरुण राज ने इस चित्र की आलोचना की है । इस समारोह की अध्यक्षता तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने की ।
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के मंत्रिमंडल का कोई भी मंत्री उपस्थित नहीं रहा ।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के मंत्रिमंडल का कोई भी मंत्री लोक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं था । इसके कारण समारोह तथा कवि के चित्र को लेकर चल रहे विवाद पर राजनीतिक चर्चाएं अधिक तीव्र हो गई हैं ।
‘तिरुवल्लुवर को किसी विशेष धर्म से संबंधित रंग से जोडना उचित नहीं’ – मंत्री अरुण राज
अरुण राज ने कहा कि लोक भवन अथवा किसी भी सरकारी या सार्वजनिक संस्था में तिरुवल्लुवर को भगवा वस्त्रों में चित्रित करना उचित नहीं है । तिरुवल्लुवर संपूर्ण मानवता के हैं । उन्हें किसी विशेष धर्म से संबंधित रंग से जोडना उनके सार्वभौमिक दृष्टिकोण तथा विचारधारा के विपरीत है । तिरुवल्लुवर को किसी एक रंग तक सीमित करने का प्रयास समुद्र को पात्र में बंद करने के समान है । उनका ग्रंथ तिरुक्कुरल मानव जीवन को दिशा प्रदान करने वाले सार्वभौमिक नैतिक मूल्यों तथा सिद्धांतों का प्रतिपादन करता है, न कि किसी एक धर्म के सिद्धांतों का । उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ समूह कवि की छवि का उपयोग राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए कर रहे हैं ।
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