‘गोकुल’ का हलाल प्रमाणपत्र तत्काल निरस्त कीजिए – कोल्हापुर में हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनाएं आक्रामक

जिलाधिकारी डॉ. विजय राठोड को ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए हिन्दुत्वनिष्ठ ।

कोल्हापुर, २९ मई (संवाददाता) – महाराष्ट्र की पहचान बने ‘गोकुल’ (कोल्हापुर जिला सहकारिता दूध उत्पादक संघ) दूध संघ द्वारा ‘हलाल’ प्रमाणपत्र लिए जाने की क्षोभजनक घटना सामने आई है । यह हलाल प्रमाणपत्र तत्काल निरस्त नहीं किया गया, तो ‘गोकुल’ के उत्पादनों का बहिष्कार करने के साथ ही तीव्र जनआंदोलन चलाया जाएगा तथा आवश्यकता पडी, तो सीधे ‘गोकुल’दूध संघ पर विशाल मोर्चा निकाला जाएगा, ऐसी चेतावनी हिन्दू जनजागृति समिति एवं हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने दी है । हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस मांग का विस्तृत ज्ञापन कोल्हापुर के ‘गोकुल’के प्रशासनिक विभाग, कोल्हापुर के जिलाधिकारी डॉ. विजय राठोड एवं ‘जनसुराज्य शक्ति’ दल के विधायक अशोक माने को प्रस्तुत किया ।

एक धर्मनिरपेक्ष देश में सरकारी प्रमाणपत्रों को बाजू में रखकर लिए गए इस निर्णय के कारण बहुसंख्यक हिन्दू ग्राहकों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, अतः प्रशासन तुरंत इसका संज्ञान लेकर यह प्रमाणपत्र निरस्त करे, ऐसी आग्रही मांग इस अवसर पर की गई । इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने ‘गोकुल’के हलाल प्रमाणपत्र की प्रति जलाई ।

जहां पूरे भारत में गोकुल का दूध पहुंचा नहीं है, तो केवल मुसलमान देशों को ही अपने उत्पाद बेचने की शीघ्रता किसलिए ?

गोकुल का प्रशासन खाडी देशों में गोकुल के उत्पादों का निर्यात करने के लिए यह प्रमाणपत्र अनिवार्य होने का कारण दे रहा है, तब भी यह हठ संपूर्णतः आकलन योग्य नहीं है । देश के अंदर तथा राज्य में ही गोकुल में दूध की बडी मांग होते हुए भी, साथ ही यद्यपि पूरे भारत में गोकुल का दूध नहीं पहुंचा है, तब भी केवल इस्लामी राष्ट्रों को ही गोकुल के उत्पाद बेचने की शीघ्रता क्यों की जा रही है ?, यह प्रश्न उठ रहा है । इसमें सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह कि भारत सरकार का ‘भारतीय अन्न सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण’ (एफ्.एस्.एस्.आई.), साथ ही ‘अन्न एवं औषधि प्रशासन’ (एफ्.डी.ए.) जैसी आधिकारित सरकारी संस्थाएं होते हुए भी अलग से धर्म आधारित प्रमाणपत्र की आवश्यकता ही क्या है ? यह देश का सेक्यूलर संविधान एवं सहकारिता संस्था का अपमान है । हलाल प्रमाणपत्र अवैध होने के कारण उत्तरप्रदेश में उस पर प्रतिबंध लगाया गया है ।

हलाल प्रमाणपत्र के माध्यम से देश में एक अत्यंत घातक एवं समानांतर अर्थव्यवस्था खडी की जा रही है । यह प्रमाणपत्र प्रदान करनेवाला संगठन ‘जमियत उलेमा हिंद’, इससे मिलनेवाले पैसों का उपयोग जिहादी आतंकियों के अभियोग लडने के लिए करता है । अतः गोकुल के हिन्दू ग्राहकों के पसीने के पैसों का उपयोग अप्रत्यक्षरूप से क्या देशविघातक गतिविधियों एवं आतंकियों को कानून के चंगुल से बचाने के लिए होगा ? यदि यह दूध ‘हलाल’ प्रमाणित हो, तो उसके लिए बहुसंख्यक हिन्दू ग्राहक अपना पैसा क्यों दें ? इस राष्ट्रीय संकट का गंभीरता से संज्ञान लेकर यह प्रमाणपत्र तत्काल निरस्त किया जाए तथा जिस तत्कालीन अध्यक्ष एवं निदेशक मंडल के कार्यकाल में यह निर्णय हुआ है, उसकी जांच हो, यह मांग इस ज्ञापन में की गई है ।

‘गोकुल’ के प्रशासनिक विभाग को ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए हिन्दुत्वनिष्ठ ।

विभिन्न हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन एकजुट हुए ।

इस गंभीर विषय पर प्रशासन से स्पष्टीकरण पूछने के लिए कोल्हापुर के विभिन्न संगठन के पदाधिकारी बडी संख्या में एकत्रित हुए । उनके प्रतिनिधि मंडल (शिष्टमंडल)में ‘महाराजा प्रतिष्ठान’के संस्थापक श्री. निरंजन शिंदे, ‘नमो नमो’के जिलाध्यक्ष श्री. विक्रमसिंह जरग, सामाजिक कार्यकर्ता श्री. शशी बीडकर, मंदिर महासंघ के श्री. अशोक गुरव, ‘मराठा तितुका मेलवावा’के श्री. योगेश केरकर, बजरंग दल के श्री. प्रतीक कुलकर्णी ‘हिन्दू एकता आंदोलन’ के शहराध्यक्ष श्री. गजानन तोडकर, शिवसेना के उपजिलाप्रमुख श्री. उदय भोसले एवं श्री. किशोर घाटगे, हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. शिवानंद स्वामी एवं श्रीमती साधना गोडसे, हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति के श्री. रामभाऊ मेथे एवं श्री. किरण कुलकर्णी, उद्धव बालासाहेब ठाकरे दल के करवीर तहसीलप्रमुख श्री. राजू यादव, हिन्दू महासभा के उपाध्यक्ष श्री. विकास जाधव, शहराध्यक्ष श्री. प्रशांत पाटिल, श्री. श्रीकांत जाधव, ‘पॉजिटिव वॉच’ के श्री. शेखर धोंगडे, मानवाधिकार संगठन के श्री. राजेश वाघमारे, हिन्दुत्वनिष्ठ श्री. सुयोग काकतकर एवं हिन्दू विधिज्ञ परिषद के श्री. बाबासाहेब भोपळे आिद मान्यवरों ने एकत्रित होकर यह प्रखर भूमिका रखी ।

प्रशासनिक विभागकी आगामी बैठक में विस्तृत चर्चा कर उचित निर्णय लेंगे – ‘गोकुल’के प्रशासक का आश्वासन

इस अवसर पर गोकुल के प्रशासक ने प्रतिनिधिमंडल को प्रशासनिक विभाग की आगामी बैठक में इस संपूर्ण प्रकरण पर विस्तार से चर्चा कर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया है ।