‘हिन्दू विधीज्ञ परिषद’ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पत्र द्वारा मांग !

मुंबई – डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का लंदन स्थित घर महाराष्ट्र सरकार द्वारा खरीद कर उसका संवर्धन किया जा रहा है । स्वातंत्र्यवीर सावरकर का जिस स्थान पर ३८ वर्षों तक निवास था, वह महाराष्ट्र का ‘सावरकर सदन’ उपेक्षित है । डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के गृह के समान ‘सावरकर सदन’ भी महाराष्ट्र सरकार द्वारा खरीद कर उसका संवर्धन किया जाए तथा उसे राष्ट्रीय स्मारक की श्रेणी प्रदान किया जाए, ऐसी मांग हिन्दू विधीज्ञ परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र प्रेषित कर की है ।
📜 Preserve Savarkar’s Legacy!
"Acquire and conserve 'Savarkar Sadan' in Maharashtra, just as Dr. Babasaheb Ambedkar’s residence in London was acquired and preserved."
This demand has been made by the @ssvirendra Hindu Vidhidnya Parishad through a letter to Prime Minister… pic.twitter.com/f4CCTvh4te
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) May 29, 2026
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने महाड का सत्याग्रह तथा दलित अधिकारों के लिए संघर्ष किया, तो स्वातंत्र्यवीर सावरकर ने पतित पावन मंदिर की स्थापना कर वहां अंतर्जातीय भोज का आयोजन करके एवं मंदिर में हरिजनों को प्रवेश दिलाकर जातिवाद समाप्त करने का कार्य किया । डॉ. आंबेडकर का लंदन स्थित घर खरीदने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने ३६ करोड ४ लाख रुपये, तथा उसमें विविध सामग्रियों को खरीदने के लिए १ करोड २५ लाख रुपये व्यय किए । अन्य विविध स्मारकों के लिए ५६ करोड रुपये, तो दिल्ली स्थित अंतर्राष्ट्रीय केंद्र के लिए भी सरकार ने १९६ करोड रुपये व्यय किए हैं । इसके विपरीत सिर्फ सावरकर सदन के विषय में सरकार उदासीन है ।
सरकार का हस्तक्षेप आवश्यक !
वर्तमान में मुंबई उच्च न्यायालय में इस भवन के विषय में एक जनहित याचिका प्रविष्ट (दाखिल) है । इसमें एक प्रतिष्ठित विकासक (डेवलपर) ने पंजीकरण याचिका प्रविष्ट की है । इससे इस ऐतिहासिक भवन में विकास की रुचि होने की संभावना है । अतः इस ऐतिहासिक भवन की रक्षा के लिए शासन को हस्तक्षेप करना चाहिए ।
सावरकर परिवार ने देश के लिए बडा त्याग किया है । उस परिवार के घर के संवर्धन का आर्थिक भार भी उसी परिवार पर डालना, यह अन्यायपूर्ण सिद्ध होगा । ‘सावरकर सदन’ का स्थान संबंधित स्वामियों से खरीद कर आगामी पीढ़ियों के लिए यह सदन प्रेरणास्थान बनाया जाए । इस वास्तु के संवर्धन तथा इसके प्रसार के लिए पर्याप्त निधि दी जाए । स्वातंत्र्यवीर सावरकर का राष्ट्र के लिए बलिदान एवं राष्ट्र निर्माण के कार्य में योगदान का गौरव करने के लिए केंद्र सरकार इसमें कार्यवाही करे, ऐसी आग्रही विनती भी अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने इस पत्र में की है ।
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