NEET Paper Leak Case : लातूर के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज शिरूरे को बंदी बनाया गया !

  • ‘नीट’ पेपर लीक प्रकरण

  • अपने बेटे के लिए प्रो. शिवराज मोटेगावकर से प्रश्नपत्र खरीदने का आरोप

  • पहली बार किसी अभिभावक को बंदी बनाया गया


लातूर – ‘नीट’ पेपर लीक प्रकरण में सीधे विद्यार्थियों के अभिभावक की संलिप्तता सामने आई है । केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने लातूर के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज शिरूरे को बंदी बना लिया है । आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे को परीक्षा में अवैध लाभ दिलाने के लिए मुख्य आरोपी प्रो. शिवराज मोटेगावकर से प्रश्नपत्र खरीदा था । इस प्रकरण में किसी अभिभावक को पहली बार बंदी बनाया गया है ।

डॉ. मनोज शिरूरे लातूर के पुराने औसा रोड क्षेत्र स्थित ‘सिद्धिविनायक बाल रुग्णालय’ के संचालक हैं । सीबीआई की टीम १७ मई से लातूर में डेरा डाले हुए है एवं संदिग्धों से गहन पूछताछ कर रही है । सीबीआई अधिकारियों ने डॉ. शिरूरे के चिकित्सालय पर छापा मारकर लगातार साढे चार घंटे तक जांच की । इस कार्रवाई में कुछ महत्त्वपूर्ण कागदपत्र (दस्तावेज), संदिग्ध मोबाइल फोन तथा डिजिटल साक्ष्य अधिग्रहित किए गए हैं । प्रारंभिक जांच में डॉ. शिरूरे के मुख्य आरोपी प्रो. शिवराज मोटेगावकर एवं पी.वी. कुलकर्णी से सीधे संबंध होने की बात सामने आई है ।

इन प्रश्नपत्रों का कोई निश्चित मूल्य नहीं था । अभिभावकों की आर्थिक स्थिति देखकर ५ लाख से ५० लाख रुपये तक सौदा किया जाता था । आरंभ में केवल अग्रिम राशि (टोकन मनी) ली जाती थी । उत्तरपत्रिका आने के उपरांत प्रश्न मेल खाने पर ही शेष राशि देने का समझौता होता था । बाकी रकम की गारंटी के लिए अभिभावकों से खाली चेक एवं विद्यार्थियों के मूल शैक्षिक दस्तावेज गिरवी रखे जाते थे ।

इस प्रकरण का मुख्य सूत्रधार एवं लातूर स्थित ‘RCC’ कोचिंग क्लास का संचालक प्रो. शिवराज मोटेगावकर काले धन के बल पर लातूर के खोपेगांव क्षेत्र में ८ एकड भूमि पर बडा स्कूल एवं कॉलेज बनाने की तैयारी कर रहा था । वहां बहुमंजिला भवन का काम भी तेजी से चल रहा था । अब सीबीआई उसके धन के स्रोत एवं भूमि खरीद के लेन-देन की भी जांच कर रही है । इसी कार्रवाई के अंतर्गत पुणे महानगरपालिका ने प्रो. मोटेगावकर की ‘RCC’ कोचिंग क्लास को सील कर दिया है ।

अंबाजोगाई के २ विद्यार्थियों से पूछताछ जारी !

दिल्ली के ‘राऊस एवेन्यू’ न्यायालय ने इस प्रकरण के आरोपी मांगीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव एवं धनंजय लोखंडे को २ जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि शुभम खैरनार की सीबीआई हिरासत ५ दिन के लिए बढा दी गई है । दूसरी ओर अंबाजोगाई के २ विद्यार्थियों से पूछताछ जारी है । उनके मोबाइल फोन अधिग्रहित कर लिए गए हैं । साथ ही मनीषा मांढरे, मनीषा वाघमारे एवं धनंजय लोखंडे को पुणे लाकर आमने-सामने पूछताछ की जा रही है । करोडों रुपये के आर्थिक लेन-देन में समाहित कुछ अन्य अभिभावकों को भी पुणे स्थित सीबीआई कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है ।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ‘नीट’ परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की !

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आगामी ‘नीट’ परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की । उन्होंने सोशल मीडिया एवं टेलीग्राम चैनलों पर पेपर लीक संबंधी अफवाहें एवं भ्रामक दावे प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं ।

संपादकीय भूमिका

ऐसे अभिभावक प्रश्नपत्र खरीदकर न केवल अपने बच्चों, अपितु अन्य विद्यार्थियों का भविष्य भी खराब कर रहे हैं । ऐसे अभिभावकों पर ही कठोर कार्रवाई होना आवश्यक है ।