
नई दिल्ली – केंद्र सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा प्रकाशित ‘यूडाइस प्लस’, इस ब्योरे के अनुसार केवल एक ही वर्ष में देश में विद्यालयों की संख्या ५ सहस्र तक घटी है ।
उसी समय सरकारी विद्यालयों की तुलना में निजी विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ रही है, ऐसा इस ब्योरे में कहा गया है ।
१. ‘यूडाइस प्लस’के वर्ष २०२४-२५ के ब्योरे में देश में १४ लाख ७१ सहस्र ७४३ विद्यालय होने की बात कही गई थी, परंतु २०२५-२६ के ब्योरे में देश में १४ लाख ६६ सहस्र विद्यालय होने की बात कही गई है । इसका अर्थ देश में ५ सहस्र ६१ विद्यालय घटे हैं ।
Public Confidence in Government Schools Declining?
The latest UDISE+ report shows that around 5,000 schools have shut down across India.
Government school enrolment has also fallen by nearly 86 lakh between 2023–24 and 2025–26, while private school enrolment has increased.
Is… pic.twitter.com/YDXJvrTQrf
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) July 9, 2026
२. इस ब्योरे के अनुसार शिक्षकों की संख्या ८.३ प्रतिशत तक बढी है, इसलिए इस अनुपात में सुधार आने की बात स्पष्ट की गई है ।
३. ब्योरे के अनुसार मूलभूत से लेकर हाईस्कूल के स्तर तक के विद्यालयों में वर्ष २०२५-२६ में छात्रों की संख्या कुल २४ करोड ८० लाख थी । अतः छात्रसंख्या घटी है ।
४. सरकारी विद्यालयों में प्रवेश लेनेवाले छात्रों की संख्या १२ करोड ७५ लाख से ११ करोड ८९ लाख तक घटी है । अतः सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या ८६ लाख तक घटी है, जबकि बिनानअनुदानित निजी मान्यताप्राप्त विद्यालयों में छात्रसंख्या ९ करोड से ९ करोड ८९ लाख तक बढी है । इसका अर्थ मात्र एक वर्ष में ही ८८ लाख छात्रों का झुकाव निजी विद्यालयों की ओर रहा है ।
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