यदि घर में नमाज पढने का स्थान नहीं है, तो जनसंख्या कम करें ! – Yogi Adityanath

  • सडक पर नमाज पढने को लेकर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री याोगी आदित्यनाथजी का मुसलमानों को सीधा परामर्श

  • ‘संवाद से मानोगे, तो संवाद से... नहीं तो...’ ऐसी चेतावनी भी दी !

लखनौ (उत्तर प्रदेश) – सडकें चलने के लिए होती हैं । सडक रोकने का अधिकार किसी को नहीं है । यदि आपके घर में रहने या नमाज पढने के लिए जगह नहीं है, तो जनसंख्या नियंत्रित करें । यदि सामर्थ्य नहीं है, तो जनसंख्या क्यों बढा रहे हैं ?, इन शब्दों में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुसलमानों को सडक पर नमाज पढने को लेकर सुझाव दिया है ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि,

१. लोग मुझसे पूछते हैं, ‘क्या आपके उत्तर प्रदेश में सचमुच सडक पर नमाज नहीं पढी जाती ?’ मैं कहता हूं, ‘बिल्कुल नहीं ।’

२. सडकें चलने के लिए हैं या कोई भी आकर तमाशा करने के लिए ? सडक रोकने का क्या अधिकार है ? जिसका जो प्रार्थनास्थल है, वह वहीं जाकर प्रार्थना करे । उन्होंने (मुसलमानों ने) पूछा, ‘यह कैसे होगा ? हमारी संख्या अधिक है ।’

३. इस पर हमने कहा कि, ‘यदि नमाज पढना आवश्यक है, तो आप शिफ्टों में नमाज पढें, हम उसे नहीं रोकेंगे; लेकिन सडक पर नहीं । सडकें चलने के लिए हैं । हम सडकों को बाधित नहीं होने देंगे । सरकार का नियम सभी पर समान रूप से लागू होता है ।’

४. हमने सभी से कहा है कि, सडकों पर अराजकता नहीं चलने देंगे । प्रेम से मानोगे तो ठीक है, नहीं तो दूसरा मार्ग अपनाया जाएगा । हमारा काम संवाद करना है । यदि संवाद से मानोगे तो संवाद से… नहीं तो संघर्ष भी देख लो । बरेली में लोगों ने प्रयास करके देख लिया है, उन्हें शक्ति दिखाई गई है । इसलिए सरकार पूरी व्यवस्था को नियमों से जोडना चाहती है ।

संपादकीय भूमिका

  • जो कार्य योगी आदित्यनाथ इतनी स्पष्टता से कह एवं कर सकते हैं, वह अन्य सरकारें क्यों नहीं कर सकतीं ?
  • योगी आदित्यनाथ में साधना का बल होने के कारण वे इस प्रकार का कार्य कर सकते हैं; इसलिए अब जनता को साधना करनेवालों को सत्ता में बैठाना आवश्यक है !