
मुंबई – आतंकवादी दाऊद इब्राहिम के सहायक इकबाल मिर्ची के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालय (‘ईडी’) ने कार्रवाई की थी । मुंबई के विशेष (पी.एम.एल.ए.) न्यायालय ने २९ अप्रैल को इकबाल मिर्ची एवं उसके परिजनों के स्वामित्व वाली मुंबई एवं दुबई स्थित अतिरिक्त संपत्तियों को अधिग्रहित करने हेतु ‘ईडी’ को अनुमति प्रदान की है । यह कार्रवाई ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफ.ई.ओ.ए.) २०१८’ के अंतर्गत की जाएगी । आपराधिक जगत के काले धन को वैध करने वाले तंत्र (जाल) पर ‘ईडी’ की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है । आपराधिक कृत्यों से अर्जित धन से इन संपत्तियों का क्रय किया गया था ।
वरली क्षेत्र स्थित ‘राबिया मैन्शन’, ‘मरियम लॉज’ तथा ‘सी व्यू’ इन ३ अत्यंत बहुमूल्य संपत्तियों का अधिग्रहित इसमें सम्मिलित है । उनका कुल क्षेत्रफल ४ सहस्र ९७०.४१ वर्ग मीटर है । मिर्ची ने वर्ष १९८६ में ये संपत्तियां केवल ६.५ लाख रुपयों में क्रय की थीं, जिनका वर्तमान मूल्य करोड़ों रुपयों में है । इन संपत्तियों के बाहर शासकीय अधिग्रहण के फलक लगाए जाएंगे । इसके पश्चात उनका नीलाम कर अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होगी । दुबई स्थित ‘होटल मिडवेस्ट अपार्टमेंट्स’, ‘कॉर्पोरेट बे’ तथा ‘डीईसी टावर्स’ में स्थित १४ ‘रियल एस्टेट इकाइयां’ ईडी द्वारा अधिग्रहित की जाएंगी ।
इन संपत्तियों को अधिग्रहण से बचाने हेतु मिर्ची ने विभिन्न न्यासों (ट्रस्ट) तथा कल्पित किरायेदारों के माध्यम से प्रलेखों (दस्तावेजों) में हेरफेर किया था । संपत्तियां प्राप्त करने हेतु १५४ करोड रुपये विदेश भेजने का आरोप है । इस प्रकरण के तार डी.एच.एफ.एल. के वधावन बंधुओं से भी जुडे हुए हैं ।
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