
तेहरान (ईरान) – ईरान एवं अमेरिका के बीच जारी १५ दिनों का युद्धविराम २२ अप्रैल को समाप्त हो रहा है । इससे पहले, दोनों देशों के बीच युद्ध को स्थायी रूप से रोकने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई चर्चा विफल रही थी । इसके उपरांत दूसरी बैठक २२ अप्रैल को ही आयोजित की गई है; यद्यपि, ईरान के स्थानीय मीडिया के अनुसार ईरान ने इस बैठक में सम्मिलित होना अस्वीकार कर दिया है ।
ईरान ने चर्चा से मना क्यों किया ?
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने कहा है कि, “अमेरिका की अनुचित मांगें, अवास्तविक अपेक्षाएं, विचारों में निरंतर परिवर्तन, बार-बार होनेवाला विरोधाभास एवं लगातार जारी नौसैनिक घेराबंदी (नाकाबंदी) के कारण हमने चर्चा में सम्मिलित न होने का निर्णय लिया है ।” ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका द्वारा घेराबंदी जारी रहेगी, तब तक सामान्य यातायात आरंभ नहीं होने दिया जाएगा ।
ईरान के वरिष्ठ अधिकारी इब्राहिम जोल्फाघरी ने बताया कि ईरान ने अमेरिका के साथ सभी वार्ताओं को आधिकारिक रूप से निरस्त कर दिया है । साथ ही, शांति समझौता अब निरस्त हो गया है तथा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (दो बडे जलाशयों को जोडनेवाला संकीर्ण जलमार्ग) को फिर से पूरी तरह से बंद कर दिया गया है । दूसरी ओर, अमेरिका ने घोषित किया है कि वह इस बैठक के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेजेगा ।
समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए, तो पूरा देश नष्ट कर देंगे ! – ट्रंप की फिर धमकीट्रंप ने इस प्रस्तावित चर्चा को ईरान के लिए समझौते पर सहमत होने का अंतिम अवसर बताया है । ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा, “यदि ईरान ने इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए, तो पूरे देश को नष्ट कर दिया जाएगा । ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों एवं आधार ढांचे (Infrastructures) को लक्ष्य बनाया जाएगा ।” |
अमेरिकी नौसेना ने ईरान का मालवाहक जहाज अधिग्रहित किया !मेरिकी नौसेना ने ओमान की खाडी में ईरान के मालवाहक जहाज ‘तुस्का’ को अपने नियंत्रण में ले लिया । जब इस जहाज ने ईरान के चारों ओर लगी अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी तोडने का प्रयास किया, तब अमेरिकी युद्धपोत ने आक्रामक रूप अपनाते हुए यह कार्रवाई की । ट्रंप ने इस घटना की पुष्टि की है । ‘तुस्का’ जहाज लगभग ९०० फीट लंबा है एवं इसका वजन किसी विमानवाहक पोत के बराबर है । ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरानी चालक दल ने हमारी चेतावनी सुनने से अस्वीकार कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप हमारी नौसेना ने उनके इंजन रूम में छेद करके उन्हें वहीं रोक दिया । वर्तमान में यह जहाज एवं इसका चालक दल अमेरिकी नौसेना के नियंत्रण में है । ‘तुस्का’ पर पिछली अवैध गतिविधियों के कारण अमेरिका ने पहले ही प्रतिबंध लगा रखे थे । |
हिजबुल्ला से संकट उत्पन्न हुआ, तो हम पूरी शक्ति से आक्रमण करेंगे ! – इजरायल
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा है कि यदि हिजबुल्ला की ओर से जरा भी संकट उत्पन्न हुआ, तो भले ही वर्तमान में संघर्षविराम (Ceasefire) लागू हो, इजरायली सेना पूरी शक्ति के साथ कार्रवाई करेगी ।
‘भारत ऐसी चीजों पर कभी पैसा खर्च नहीं करेगा’, यह कहकर Trump ने ही प्रस्ताव निरस्त किया ।
हमें हिन्दू धर्म के प्रति घृणा के विरोध में दृढतापूर्वक खडा होना चाहिए ! – US Congressman Sanford Bishop
Resolution Over Iran War : ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्यवाही रोकने वाला प्रस्ताव अमेरिका की संसद के उच्च सदन में पारित
Indus Water Treaty Crisis : सिंधु जल-वितरण करार को लेकर पाकिस्तान ने कश्मीर सीमा पर ३५ ड्रोन-रोधी यूनिट नियुक्त किए !
(और इनकी सुनिए…) ‘मानवाधिकारों का उल्लंघन होने पर भारत की आलोचना करने से पीछे नहीं हटेंगे !’ – US Lawmakers
Mahrang Baloch : मानवाधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध आवाज उठाने वाले महरंग बलोच को पाकिस्तान ने सुनाया आजीवन कारावास का दंड सुनाया ।