|

बेंगलुरू (कर्नाटक) – कर्नाटक राज्य के सभी जिलों के कारागृहों में कैदियों की चिकित्सकीय जांच की जानेवाली है । इसमें अनेक कैदियों द्वारा मादक पदार्थाें का सेवन किए जाने की बात सामने आई है । उनमें विशेषकर महिला कैदी बडी मात्रा में मादक पदार्थाें का सेवन करती हैं, यह बात सामने आई है । वर्तमान समय में जिन कैदियों द्वारा मादक पदार्थाें का सेवन किए जाने की बात सामने आई है, उन्हें अलग कोठरी में बंद कर उन पर उपचार किए जा रहे हैं । उनमें ‘इस व्यसन का स्तर कितना है ?’, यह जान लेने हेतु कैदियों के विभिन्न शारीरिक घटकों के प्रारूप प्रयोगशाला में भेजे गए हैं । इसका ब्योरा प्राप्त होते ही उनके व्यसन की तीव्रता के अनुसार उन पर उपचार किए जाएंगे ।
Shocking state of Karnataka’s prisons
A disturbing report reveals inmates are openly consuming drugs behind bars, with a high number of female prisoners involved.
The big questions:
– Are the prison authorities sleeping on the job or complicit?– If this is the state of highly… pic.twitter.com/MIZo9JJfID
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) March 20, 2026
विचाराधीन कैदियों में मादक पदार्थाें का व्यसन अधिक मात्रा में दिखाई दिया !
मूत्र परीक्षण से दंडित किए गए कैदियों की अपेक्षा विचाराधीन (जिन के अभियोग अभी आरंभ नहीं हुए हैं) कैदियों में मादक पदार्थाें का सेवन करने का स्तर अधिक दिखाई दिया । इसमें महिला कैदियों ने चतुरता दिखाई है, यह भी बात सामने आई है । उन्होंने अपने मूत्र के नमुने में पानी मिलाया है, ऐसा उजागर हुआ है तथा वर्तमान समय में डॉक्टर अत्यंत सतर्कता के साथ उनके नमुने लेकर उनका परीक्षण कर रहे हैं । मादक पदार्थाें का सेवन करनेवाले कैदियों की निश्चित संख्या अभी स्पष्ट नहीं हुई है । वर्तमान समय में केवल १० प्रतिशत कैदियों का ही परीक्षण हुआ है, जबकि शेष कैदियों का परीक्षण चल रहा है ।
संपादकीय भूमिका
|
पासपोर्ट (Passport) से नागरिकता सिद्ध नहीं होती : Central Goverment
Suhail Arrested : श्रीराम मंदिर को बम से उडाने का षड्यंत्र रचने वाले सुहेल को कर्नाटक से बंदी बनाया गया
१० सहस्त्र से १ लाख लोगों की मृत्यु की आशंका ।
India Slams Bangladesh : अल्पसंख्यकों पर अत्याचार एवं उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ होनेवाला खेल भारत सहन नहीं करेगा !
( और इनकी सुने …) ‘क्या सरकार अब भा.ज.पा. की ही भूमिका अपना रही है ?’ – Udhayanidhi Stalin
देवस्थान भूमि के संदर्भ में सरकारी देवस्थान समिति की पहली बैठक संपन्न हुई !