कैदी मादक पदार्थाें का सेवन करते हैं, यह बात सामने आई !

 

  • कर्नाटक के कारागृहों की क्षोभजनक स्थिति

  • मादक पदार्थाें का सेवन करनेवालों में महिला कैदी भी

बेंगलुरू (कर्नाटक) – कर्नाटक राज्य के सभी जिलों के कारागृहों में कैदियों की चिकित्सकीय जांच की जानेवाली है । इसमें अनेक कैदियों द्वारा मादक पदार्थाें का सेवन किए जाने की बात सामने आई है । उनमें विशेषकर महिला कैदी बडी मात्रा में मादक पदार्थाें का सेवन करती हैं, यह बात सामने आई है । वर्तमान समय में जिन कैदियों द्वारा मादक पदार्थाें का सेवन किए जाने की बात सामने आई है, उन्हें अलग कोठरी में बंद कर उन पर उपचार किए जा रहे हैं । उनमें ‘इस व्यसन का स्तर कितना है ?’, यह जान लेने हेतु कैदियों के विभिन्न शारीरिक घटकों के प्रारूप प्रयोगशाला में भेजे गए हैं । इसका ब्योरा प्राप्त होते ही उनके व्यसन की तीव्रता के अनुसार उन पर उपचार किए जाएंगे ।

विचाराधीन कैदियों में मादक पदार्थाें का व्यसन अधिक मात्रा में दिखाई दिया !

मूत्र परीक्षण से दंडित किए गए कैदियों की अपेक्षा विचाराधीन (जिन के अभियोग अभी आरंभ नहीं हुए हैं) कैदियों में मादक पदार्थाें का सेवन करने का स्तर अधिक दिखाई दिया । इसमें महिला कैदियों ने चतुरता दिखाई है, यह भी बात सामने आई है । उन्होंने अपने मूत्र के नमुने में पानी मिलाया है, ऐसा उजागर हुआ है तथा वर्तमान समय में डॉक्टर अत्यंत सतर्कता के साथ उनके नमुने लेकर उनका परीक्षण कर रहे हैं । मादक पदार्थाें का सेवन करनेवाले कैदियों की निश्चित संख्या अभी स्पष्ट नहीं हुई है । वर्तमान समय में केवल १० प्रतिशत कैदियों का ही परीक्षण हुआ है, जबकि शेष कैदियों का परीक्षण चल रहा है ।

संपादकीय भूमिका

  • यह जानकारी सामने आने पर ‘कर्नाटक के कारागृह के पुलिसकर्मी भी क्या मादक पदार्थाें का सेवन कर नशे में रहते हैं ?, इसकी भी जांच होनी चाहिए’, यही जनता की भावना है !
  • ‘राज्य में यदि कारागृहों की यह स्थिति हो, तो बाहर मादक पदार्थ कितनी सहजता से उपलब्ध होते होंगे तथा कितने लोग उनका सेवन करते होंगे ?’, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती !