Karnataka CM Siddaramaiah : ईश्वर की दृष्टि में जाति-धर्म जैसा कोई भेद नही !

जाति एवं धर्म के नाम पर राजनीति करके सत्ता प्राप्त करने वाली कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या का वक्तव्य !

मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या

मैसुरू (कर्नाटक) – ईश्वर की दृष्टि में जाति अथवा धर्म जैसा कोई भेद नहीं होता । वह मानव ने ही निर्मित किया है । आज मनुष्य मनुष्य से द्वेष करने लगा है; इस स्थिति को परिवर्तित कर सभी को एक-दूसरे से प्रेम करना चाहिए तथा सौहार्दपूर्वक रहना चाहिए, ऐसी व्यवस्था निर्मित होनी चाहिए, ऐसी आशा मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने व्यक्त की । (ऐसी व्यवस्था निर्मित करने से सिद्धरामय्या को किसने रोका है ? देश तथा अनेक राज्यों में सर्वाधिक समय तक कांग्रेस की ही सत्ता होते हुए उसने ऐसी व्यवस्था क्यों निर्मित नहीं की ? कांग्रेस ने ही सदैव जिहादी आतंकवादियों एवं जिहादी मुसलमानों को प्राथमिकता दिया है, जिसके कारण हिन्दू कभी भी सौहार्दपूर्वक नहीं रह पाए, इस विषय पर वे क्यों नहीं बोलते ? – संपादक) यहां शिरमल्ली ग्राम में ग्रामवासियों द्वारा निर्मित लक्ष्मीदेवी मंदिर का उद्घाटन करते समय वे बोल रहे थे ।

सिद्धरामय्या ने आगे कहा कि, ईश्वर केवल मंदिर तक सीमित नहीं है । सर्वत्र व्याप्त ईश्वर पर मेरा विश्‍वास है । प्रत्येक कार्य का प्रारंभ करते समय मैं ईश्वर का स्मरण करता हूं तथा सभी का कल्याण हो, ऐसी प्रार्थना करता हूं । (हिन्दू सभी के कल्याण के लिए ही प्रार्थना करते हैं; मात्र कुछ समुदाय ऐसा कहते हैं कि ‘हमारा ही ईश्वर महान है तथा अन्य कोई नहीं’ तथा वे अपने धार्मिक स्थलों से हिन्दुओं की धार्मिक शोभायात्राओं पर आक्रमण करते रहते हैं, इस पर सिद्धरामय्या कब बोलेंगे ? – संपादक)

संपादकीय भूमिका

  • ईश्वर की दृष्टि में जाति-धर्म का भेद नहीं है; किंतु कांग्रेस की दृष्टि में तो है, उसका क्या ? तथा कांग्रेसी कब से ईश्वर को मानने लगे हैं ?
  • यदि ऐसा है, तो क्या सिद्धरामय्या जाति-धर्म के आधार पर दी जाने वाली सुविधाओं को बंद करने का साहस दिखाएंगे ? अथवा सब कुछ ‘केवल शाब्दिक प्रदर्शन’ ही सिद्ध होगा ?