तमिलनाडु के एक मंदिर में विधिपूर्वक पुनः स्थापना होगी

लंदन (ब्रिटेन) – ऑक्सफर्ड विश्वविद्यालय के ‘एशमोलियन संग्रहालय’ ने तमिलनाडु से १६ वीं सदी की एक बहुत कीमती कांसे की मूर्ति भारत को लौटा दी है । यह मूर्ति थिरुमंगई अलवर की है, जो १६ वीं सदी के एक महान संत थे तथा तमिलनाडु में भगवान विष्णु के भक्त थे । लंदन के ‘इंडिया हाउस’ में हुए एक समारोह में यह मूर्ति भारतीय अधिकारियों को सौंप दी गई । ५०० वर्ष पुरानी यह मूर्ति अब तमिलनाडु के उस मंदिर में फिर से लगाई जाएगी, जहां से इसे दशकों पहले चुराया गया था ।
500-Year-Old Sacred Idol set to Return to India
Britain has returned a 500-year-old bronze idol of Vaishnavite saint-poet Tirumankai Alvar from the Vijayanagara era.
The statue, earlier kept at Oxford’s Ashmolean Museum, was confirmed to have been stolen from a Tamil Nadu… pic.twitter.com/j4OhCI80Kn
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) March 5, 2026
इस तरह मूर्ति का पता चला !
१. ऑक्सफर्ड संग्रहालय ने यह मूर्ति १९६७ में क्रय की थी ।
२. २०१९ में, एक संशोधक ने बताया कि यह मूर्ति तमिलनाडु के थाडिकोम्बु में ‘श्री सौंदरराजा पेरुमल मंदिर’ की है ।
३. जब इस दावे की जांच की गई, तो यह सत्य पाया गया । भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग तथा तमिलनाडु सरकार ने इस बारे में पक्के प्रमाण प्रस्तुत किए ।
४. एशमोलियन संग्रहालय के संचालक डॉ. झा स्टर्गिस ने कहा कि उन्होंने मूर्ति अच्छे संकल्प से क्रय की थी ; लेकिन सच्चाई सामने आने के बाद, इसे लौटाना सही था । विशेष बात यह है कि इस संग्रहालय के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी देश को उसकी वस्तु लौटाई गई है ।
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