Saharanpur Rohingya Arrested : सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) : मांस कारखाने में काम करनेवाले रोहिंग्या मुसलमान को बंदी बनाया गया !

  • २५ वर्षों से भारत में अवैध रूप से कर रहा है निवास

  • आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य कागदपत्र (दस्तावेज) अधिग्रहित

रोहिंग्या मुसलमान शहाबुद्दीन

सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) – उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दल ने शहर के कुतुबशेर क्षेत्र की एकता कॉलोनी से एक रोहिंग्या मुसलमान को बंदी बनाया है । उसका नाम शहाबुद्दीन है एवं उसके पास से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक एवं घर (मकान) के कागदपत्र अधिग्रहित किए गए हैं । वह कई वर्षों से जिले में रह कर मांस कारखाने में काम करता था ।

१. पिछले कई दिनों से आतंकवाद निरोधी दल को सूचना मिल रही थी कि म्यांमार के कुछ लोग अवैध रूप से भारत में घुसे हैं तथा वे सहारनपुर जिले के मांस कारखानों में काम कर रहे हैं ।

२. पुलिस को शहाबुद्दीन की जानकारी मिलते ही उन्होंने एकता कॉलोनी में उसे बंदी बना लिया है । पूछताछ के समय उसके मूल रूप से म्यांमार का निवासी होने की बात सामने आई ।

३. उसकी जेब से एक मोबाइल फोन, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त के नामवाली एक नीली पर्ची, आधिकारिक आधार कार्ड ही नहीं, अपितु भूमि के कागदपत्र, बैंक खाते एवं बिजली बिल की रसीदें आदि भी मिलीं ।

४. पूछताछ के समय उसने स्वीकार किया कि वह मूल रूप से म्यांमार का है एवं २०-२५ वर्ष पहले अवैध रूप से भारत आया था । उसने बताया कि मांस कारखाने में काम करने तथा अन्य श्रमिक दायित्व निभाने के लिए भारतीय पहचान पत्र आवश्यक था; इसलिए उसने एक दलाल के माध्यम से आधार कार्ड बनवाया । उसे दलाल का नाम याद नहीं है ।

संपादकीय भूमिका 

  • देश में पिछले २५ वर्षों से घुसपैठिया रह रहा था तथा उसने भारतीय कागदपत्र भी प्राप्त कर लिए, इसकी जानकारी न मिलना गुप्तचर तंत्र की गंभीर विफलता है !
  • एक आधिकारिक अनुमान के अनुसार भारत में ५ करोड से अधिक घुसपैठिये रह रहे हैं । यह स्थिति स्वतंत्रता के उपरांत से सभी दलों की सरकारों, पुलिस तंत्र एवं प्रशासन के लिए लज्जाजनक है । अमेरिका, कनाडा जैसे राष्ट्र घुसपैठियों पर किस प्रकार कार्रवाई करते हैं, यह विश्व ने देखा है । इसलिए घुसपैठियों को बाहर निकाले बिना भारत का विकसित राष्ट्र बनने का सपना पूरा होना लगभग असंभव है, यह ध्यान में रखा जाना चाहिए !