कर्नाटक की सरकारी निमंत्रण पत्रिका कन्नड की अपेक्षा सीधे उर्दू में प्रकाशित

बेंगलुरु (कर्नाटक) – कर्नाटक की अधिकृत राज्यभाषा कन्नड की उपेक्षा करते हुए कांग्रेस सरकार ने एक आधिकारिक कार्यक्रम की निमंत्रण पत्रिका उर्दू भाषा में प्रकाशित की, जिससे तीव्र आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है । उर्दू में निमंत्रण पत्रिका छापने के विषय में पूछे जाने पर स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव ने अत्यंत उद्दंडता से उत्तर देते हुए ‘कर्नाटक में उर्दू बोलने वाले लोग नहीं हैं क्या ?’ ऐसा प्रतिप्रश्न किया ।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने ‘हीमोफीलिया’ रोगियों के उपचार तथा ‘१०८’ एम्बुलेंस सेवा के लोकार्पण समारोह का आयोजन नेहरू तारामंडल में किया है । इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की निमंत्रण पत्रिका केवल उर्दू में छापी गई है । इसके कारण कन्नड संगठनों और विपक्षी दलों ने सरकार की आलोचना की है । ‘क्या सरकार अपनी अधिकृत भाषा भूल गई है ?’, ‘क्या किसी विशेष समुदाय के तुष्टीकरण के लिए यह राजनीति की जा रही है ?’, ऐसे प्रश्न अब सार्वजनिक स्तर पर पूछे जा रहे हैं ।
कर्नाटक राज्य आधिकारिक भाषा नियम क्या कहता है ?
कर्नाटक राज्य आधिकारिक भाषा अधिनियम के अनुसार सरकारी निमंत्रण पत्रिका कन्नड और अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित करना शिष्टाचार है, परंतु स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग ने इस नियम का खुला उल्लंघन किया है, ऐसा प्रतीत होता है ।
संपादकीय भूमिकाराज्यभाषा में निमंत्रण पत्रिका बनाने का नियम होते हुए भी उसका उल्लंघन करके मुसलमानों के तुष्टीकरण के लिए उर्दू में उसे बनाने का प्रयास करना, यह कांग्रेस द्वारा किया गया कार्य आश्चर्यजनक नहीं कहा जा सकता, क्योंकि कांग्रेस की सरकार अर्थात पाकिस्तानी शासन ही होता है । |
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